इंदौर में चुनाव के लिए ले ली ज्यादा बसें, यात्री से लेकर विद्यार्थी तक परेशान

By Abhishek Raghuvanshi
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पंचायत चुनाव के लिए परिवहन विभाग ने 427 बसों का अधिग्रहण किया है। निगम चुनाव में भी बसों को करेंगे अधिग्रहित।

पंचायत चुनाव के लिए परिवहन विभाग ने 427 बसों का अधिग्रहण कर लिया है। संभाग के रूटों पर चलने वाली बसों के साथ साथ स्कूलों की बसें भी ले ली गई हैं। इससे यात्रियों को तो परेशानी हो ही रही है, साथ ही विद्यार्थियों को भी दिक्कत होगी। कई स्कूलों ने तो पालकाें को सूचना दे दी है कि अगले तीन दिन तक वे बच्चों के आवागमन की व्यवस्था खुद करें। वहीं कुछ स्कूलों ने तीन दिन के लिए कक्षाओं को आनलाइन कर दिया है।
जानकारी के अनुसार चुनाव के लिए मतदान दल और सामग्री ले जाने और लाने के लिए बसों का अधिग्रहण किया गया है। अब ये बसें 25 जून की रात को लौटाई जाएंगी। सूत्रों ने बताया कि पहले 300 बसों को अधिग्रहित करने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 350 कर दी गई। 50 बसें अभी अतिरिक्त रखी गई है। जबकि 77 बसों को हरदा भेजा गया है। इस तरह से कुल 427 बसों का अधिग्रहण किया गया है। परिवहन विभाग ने ज्यादातर बसों का अधिग्रहण इंदौर के निजी स्कूलों से किया है। इसके कारण ज्यादातर स्कूल संचालक भी परेशान हैं। वहीं रूट से भी बसें ली गई हैं। जिस कारण अब लोगों को संभाग के जिलों में जाने के लिए बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। कोरोना के कारण पहले ही बसों की संख्या कम है। दरअसल कोरोना काल में बंद हुई बसें चालू ही नहीं हो पाई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अगले महीने के पहले सप्ताह में होने वाले निगम चुनावों के लिए भी बसें ली जाएंगी।

पालकों को सौंपी जिम्मेदारी – इधर सीबीएसई स्कूलों के संगठन सहोदय की अध्यक्ष कांचन तारे ने बताया कि स्कूलों से बस ली गई हैं, जिस कारण दिक्कत आ रही हैं। हमारे कुछ स्कूलों ने तीन दिन के लिए यह जिम्मेदारी पालको को दे दी है। जबकि कुछ स्कूल जिनकी ज्यादा बसें ले ली गई हैं, उन्होंने तो तीन दिन के लिए आफलाइन के बजाए आनलाइन कक्षाएं लगाने का निर्णय लिया है। हमने यह तय किया है कि जल्द ही आरटीओ से चर्चा करेंगे कि स्कूलों से कम बसों का अधिग्रहण किया जाए।

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