जी हां रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार अनक़रीब है जिस दिन भाइयो को बहनों द्वारा भाइयो की कलाई पर राखी बांधी जाती है और भाइयो द्वारा बहनों की रक्षा का संकल्प दिया जाता है वही जेलों में बंद केदियो के लिये साल में राखी के एक ही दिन बहनों को अन्दर जाकर भाइयो को कलाई पर राखी बांधने का मौका मिल पाता है लेकिन कोरोना के चलते दूसरे साल भी यह सुविधा जेल प्रभंधक द्वारा निरस्त कर दी गई है !
इन्दोर की सेंट्रल जेल बंद भाइयो की कलाई इस बार रहेगी सुनी,कोविड के चलते इस बार भी बहने जेल में बंद अपने भाइयो को नही बांध पाएगी राखी…दरअसल कोविड संक्रमण के संक्रमित मरीजो की संख्या में काफी गिरावट देखी जा रही है लेकिन बावजूद इसके कोविड की तीसरी लहर के आशंका के चलते जिला प्रशासन द्वारा किसी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिये ओर उसी के चलते सभी तरह के आयोजनों पर प्रतिबंध लगाया गया है उसी कड़ी में सेंट्रल जेल में राखी के अवसर पर जेल के अंदर राखी के त्यौहार मनाने पर पाबंदी लगाई गई जिसके चलते इस बार भी बहने अपने जेलों में बंद भाइयो की कलाई पर राखी नही बांध सकेगी।
