बीजेपी की केंद्र शासित सरकार द्वारा जारी किसान विरोधी बिल के विरोध में आज इंदौर की छावनी अनाज मंडी पर सेकड़ो कांग्रेसियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया इस प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा जीतू पटवारी, देपालपुर विधायक विशाल पटेल शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल कांग्रेस जिला अध्यक्ष, कांग्रेस के पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार सहित कांग्रेस के अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे इस दौरान मंडी का अवलोकन कर कांग्रेस सरकार की किसान हितेषी योजनाओं की ओर बिजेपी सरकार के इस किसान विरोधी काले कानून की पत्रकारों को जानकारी भी दी। अंत में एसडीएम को काले कानून के विरोध में ज्ञापन भी सौंपा।
इस दौरान कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने नरेंद्र मोदी के इस नए किसान विरोधी कानून को लेकर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस किसान विरोधी कानून को जल्द
वापस लेने के लिए किसानों के साथ खड़े रहे,,,, मोदी जी ने 2014 में अपने ही सरकार बनते ही शांता कुमार नाम की कमेटी बनाई थी,,, दुकान खोल के जवान और किसान आकर है आशीर्वाद है ताकि लाखों करोड़ के लोग बड़े-बड़े लोग यहां आकर हमारा किसान और मजदूर व्यापारी का छोटा झूठे वादे करते हैं,, दिग्विजय सिंह ने कहां की नरेंद्र मोदी जी आज मैं आपसे अनुरोध करता हूं हम मांग करते हैं कि तत्काल काले कानून को वापस लो क्योंकि इस किसान आंदोलन में सभी दल के लोग शामिल हो चुके हैं वही नए कानून बनाने के लिए किसान संगठनों से चर्चा हो और उसके बाद ही इसे पारित करना चाहते थे तो हम लोगों को सदन से बाहर कर दिया,,,,, ट्रेड यूनियन का रजिस्ट्रेशन डीएम साहब की मर्जी होगी तो होगा नहीं तो नहीं होगा अभी तक यह कानून यूनियन और अगर ऐसा चलता रहा तो अगले दो-तीन साल में अगर 2024 में मोदी जी जीत गए उसके बाद कंट्रोल की दुकानें भी बंद और फिर मनमानी होगी जैसी आज वह मनमानी कर रहे हैं,, उन्होंने कहा कि कोरोना काल मे हर मुसीबत का फायदा उठा रहे हैं मोदी जी और अच्छी खासी संसद भवन का तोड़कर नया बनाना चाहते हैं,,, हमारे लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान के परिवार के साथ ही है अगर किसानों पर ठंड के समय डंडे में मारोगे हमारे आर्मी के जवानों ओर पुलिस के जवानों को भी दर्द होगा,,,, इसके खिलाफ है और उनसे भी जो भारतीय जनता पार्टी में हैं जो किसानों के हितेषी हैं उनसे मैं कहूंगा किसानों का साथ दीजिए उन्होंने कहा कि तुम हमारे साथ बात करते हो जाओ अब हमको भी पूरा करना पड़ेगा किसान के हितैसी बात नही करेंगे तो उन्हें भी बाइट नही देंगे,। प्रदशर्न के बाद adm साहब को किसान विरोधी कानून के खीलाफ़ ज्ञापन भी दिया गया,,,
वही दिल्ली में हो रहे किसान प्रदर्शन में आए निजी चैनल के पत्रकारों और किसानों पर हो रहे लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कितने डंडे बरसा देना है बरसा लो जितनी जेलें भर ना भर लो आज किसान आंदोलित है और मैं आज सभी राजनीतिक दलों से जो इस इस नए कानून के खिलाफ है और उनसे भी जो भारतीय जनता पार्टी में है जो कि किसानों के हितेषी है उनसे भी मैं कहूंगा कि आइए सड़कों पर और किसानों का साथ दीजिए क्योंकि यह सरकार भारत के आजादी के लड़ने वाले लोगों और हमारे राजनेताओं की जिस प्रकार से आज अनदेखी करते हुए हिंदुस्तान को खालिस्तानी करते हुए बदनाम किया जा रहा है,,,, साथ ही दिग्विजय सिंह ने कहां की मीडिया चैनल की निंदा करता हूं कि दिल्ली में एक निजी चैनल मौके पर गए किसानों ने कहा कि तुम हमारे साथ अन्याय करते हो जाओ यहां से हम तुम्हें बाइट नहीं देंगे अब ऐसे में हमें भी तय करना पड़ेगा कि जो चैनल किसानो की बात नहीं करेगा उसे भी हम बाइट नहीं देंगे।
दिल्ली में डेरा डाले किसानों को जागृत करने के लिए उन सभी किसान संगठनों को जो कि किसानों की लड़ाई लड़ते हैं उनसे कहूंगा कि किसानों के बीच में जाकर समझाएं कि काला कानून कितना खतरनाक है मैं तो मोहन भागवत जिसे करूंगा आर एस एस प्रमुख कि वह भारतीय किसान संघ को कहे कि के वहां आए यहां पर धरना दे कानून वापस लेने के लिए किसानों के साथ खड़े रहे अगर नहीं करेंगे तो हम यह मानेंगे कि आप यह सब नाटक नौटंकी केवल वोट कमाने के लिए कर रहे हैं केवल समाज और धर्म के नाम पर राजनीति कर रहे हैं और मोदी जी ने 2014 में अपने सरकार बनते ही शांताकुमार की कमेटी बनाई यह कंट्रोल की दुकानों को कैसे खत्म किया जाए किसानों को और गरीबों को कैसे खत्म किया जाए।

