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पीएम मोदी का संदेश, राज्यों की घोषणाएं, ऐसे हुई भारत को लॉकडाउन करने की तैयारी

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश को कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए तत्कालिकता और सार्वजनिक भावना से अवगत कराया जिसमें वह चाहते थे कि भारत के लोग खुद को घर में कैद कर लें तो उन्होंने बताया कि कैसे साठ के दशक में भारत युद्ध के लिए तैयार हुआ था.गुरुवार को दिए गए राष्ट्र के नाम अपने संदेश में उन्होंने बताया कि गांवों और कस्बों को ब्लैक आउट कर दिया गया था.

Abhishek Raghuvanshi22 मार्च 2020 · 1 मिनट पढ़ें
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जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश को कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए तत्कालिकता और सार्वजनिक भावना से अवगत कराया जिसमें वह चाहते थे कि भारत के लोग खुद को घर में कैद कर लें तो उन्होंने बताया कि कैसे साठ के दशक में भारत युद्ध के लिए तैयार हुआ था.

गुरुवार को दिए गए राष्ट्र के नाम अपने संदेश में उन्होंने बताया कि गांवों और कस्बों को ब्लैक आउट कर दिया गया था. सभी लोग अलर्ट पर थे और हर रात लोग जागकर लगातार निगरानी करते थे. रविवार को जनता कर्फ्यू वाले दिन भारत ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी.

और लॉकडाउन जैसी स्थिति में आ गए राज्य
राज्य के राज्य, शहर के शहर सप्ताहांत तक बिल्कुल लॉकडाउन जैसी स्थिति में आ गए. प्रधानमंत्री कार्यालय, वरिष्ठ नौकरशाहों और मुख्यमंत्रियों को सामाजिक समन्वय को अधिकतम करने और सामुदायिक सहभागिता को कम करने के लिए घनिष्ठ समन्वय में काम करते देखा गया. इसमें संसद शामिल है, जो सरकार के करीबी सूत्रों का कहना है कि सोमवार को वित्त विधेयक पारित होने के बाद बंद हो जाएगी.कम से कम 14 राज्यों – महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब, दिल्ली, नागालैंड, राजस्थान, जम्मू और कश्मीर, झारखंड – ने अपनी आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद कर दिया.

रविवार को, सभी यात्री ट्रेन परिचालन, मेट्रो रेल सेवाओं और अंतर-राज्य बस यात्रा को 31 मार्च तक पूरे भारत में निलंबित कर दिया गया था.

फर्स्ट वर्ल्ड देशों से अच्छी स्थिति में भारत
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के प्रमुख बलराम भार्गव ने कोविड -19 पॉजिटिव मामलों की संख्या में वृद्धि के बारे में बात करते हुए कहा कि भारत एक सप्ताह में 60,000-70,000 परीक्षण करने के लिए अपनी परीक्षण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए तैयार था, जो कि फर्स्ट वर्ल्ड कंट्रीज के देश जैसे फ्रांस या अमेरिका से कहीं अधिक था.

उन्होंने कहा कि 1200 नए वेंटिलेटर का आदेश दिया गया है और घोषणा की है कि देश के प्रत्येक राज्य में कोरोनोवायरस रोगियों से निपटने के लिए एक विशेष अस्पताल होगा.

केंद्र और राज्यों ने देश भर के 80 जिलों को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है जहां कोरोनोवायरस के मामले सामने आए हैं. इस सूची में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता जैसे सभी प्रमुख शहर शामिल हैं.

कुछ राज्यों ने आंशिक बंद की घोषणा की है. इसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चरणबद्ध लॉकडाउन की घोषणा की है और कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने नौ जिलों में बंद की घोषणा की है.

उत्तर पूर्व में भी लॉकडाउन जैसी स्थिति
त्रिपुरा अपनी बस सेवाओं को बंद कर रहा है. मेघालय ने पूर्वी खासी हिल्स जिले में सभी बाजारों, वाणिज्यिक और वित्त प्रतिष्ठानों के संचालन, सार्वजनिक परिवहन के सभी संसाधनों और सार्वजनिक क्षेत्रों में 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने के लिए एक सलाह जारी की है.

बिहार के मुख्यमंत्री ने रविवार को 31 मार्च तक अपने शहरी जिलों में लॉकडाउन की घोषणा की. बता दें बिहार में कोरोना के पहले मरीज की रविवार को मौत हो गई.

इस बीच, देश में कोरोना पॉजिटिव रोगियों की संख्या 396 हो गई और इस जानलेवा बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई. आवश्यक सेवाओं को प्रदान करने के अलावा विभिन्न सरकारी विभागों और बैंकों ने अपने सभी कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा है.

तेजी से कोरोना पर काबू पाने की तैयारी
विभिन्न राज्यों ने आक्रामक रूप से कोरोनोवायरस महामारी पर रोक लगाने की घोषणा की है, जिसमें आंध्र प्रदेश शामिल भी है जिसने हाल ही में अन्य देशों की यात्रा करने वाले लोगों को पहचानने के लिए एक डोर-टू-डोर सर्वेक्षण की घोषणा की है. तेलंगाना जो केवल आवश्यक आपूर्ति पाने के लिए प्रत्येक परिवार के एक व्यक्ति को घर से बाहर निकलने की अनुमति दे रहा है. वहीं महाराष्ट्र और दिल्ली जहां रविवार से धारा 144 लागू हो गई.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की. दिल्ली में 27 पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से छह मामले ट्रांसमिशन के हैं और बाकी के 21 मामले ऐसे हैं, जिन्होंने विदेश की यात्रा की है.

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