
इंदौर के भवानी नगर निवासी तीन पब और बार के मालिक भूपेंद्र रघुवंशी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में इति तिवारी उसकी बहन शिवांगी और एक सहेली का नाम सामने आया था। घटना के तीसरे दिन ही इति ने वकीलों के माध्यम से आत्मसमर्पण कर दिया था जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।
इति के वकीलों द्वारा जमानत की मांग पर कोर्ट ने सारी दलीलें सुनने और दस्तावेज पढ़ने के बाद भी मामले की गंभीरता और अधूरी जांच का हवाला देते हुए बुधवार को इति की जमानत याचिका खारिज कर दी
इति के वकील अब हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। इति पर आत्महत्या के लिए उकसाना और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज है।
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सुसाइड नोट में था इति तिवारी का नाम
भूपेंद्र ने आत्महत्या से पहले पांच पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें इति का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज था और उसे फंसाने के आरोप लगाए गए थे। भूपेंद्र के कर्मचारियों ने भी इति के साथ उसकी बहन शिवांगी और सहेली आरशा का नाम लिया था। मामले में भूपेंद्र के दोस्तों के बयान भी पुलिस ने दर्ज किए थे। इन सब परिस्थितियों के बीच इति ने जल्दबाजी में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद पुलिस ने जांच की प्रक्रिया से बचते हुए उसे बिना रिमांड लिए ही सीधे जेल भेज दिया।

