
इंदौर- कठोर कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस दिया
एमवाय अस्पताल के एनआईसीयू में दो नवजातों के अंग चूहों द्वारा काटे जाने और उनकी मौत के मामले में हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस घटना को चौंकाने वाली बताते हुए कहा कि यह अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही प्रतीत होती है।
नवजातों में से एक के माता-पिता आदिवासी समुदाय से हैं और धार जिले के निवासी हैं। कोर्ट ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य, संभागायुक्त, इंदौर कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और एमजीएम के डीन से जवाब मांगा है। साथ ही अतिरिक्त महाधिवक्ता को नोटिस स्वीकार करने और 15 सितंबर से पहले जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पहले भी लापरवाही…
2016 में एमवाय अस्पताल के एनआईसीयू में शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। धुएं के कारण बच्चों का दम घुटने लगा, और ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से दर्जन भर बच्चों की मौत हो गई।
