
मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय एमवाय अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के एनआइसीयू में जिन दो नवजातों को चूहे ने कुतरा था, उनकी मौत पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि शिशुओं की चूहों के काटने से मौत कोई दुर्घटना नहीं, यह हत्या है।
31 अगस्त को नवजातों को चूहों ने कुतरा।
2 सितंबर को धार के नवजात की मौत।
3 सितंबर को देवास के नवजात की मौत।
इंदौर। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय एमवाय अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के एनआइसीयू में जिन दो नवजातों को चूहे ने कुतरा था, उनकी मौत पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि शिशुओं की चूहों के काटने से मौत कोई दुर्घटना नहीं, यह हत्या है। यह घटना इतनी भयावह, अमानवीय और असंवेदनशील है कि इसे सुनकर रूह भी कांप जाए। एक मां की गोद से उसका बच्चा छिन गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि सरकार ने अपनी सबसे बुनियादी जिम्मेदारी नहीं निभाई। हेल्थ सेक्टर को जानबूझकर निजी हाथों में सौंपा गया, जहां इलाज अब सिर्फ अमीरों के लिए रह गया है और गरीबों के लिए सरकारी अस्पताल अब जीवनदायी नहीं, मौत के अड्डे बन चुके हैं।
नवजातों की सुरक्षा नहीं कर सकते तो सरकार चलाने का क्या हक?
राहुल ने लिखा कि प्रशासन हर बार की तरह कहता है जांच होगी, लेकिन सवाल यह है कि जब आप नवजात बच्चों की सुरक्षा तक नहीं कर सकते तो सरकार चलाने का क्या हक है? प्रधानमंत्री मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को शर्म से सिर झुका लेना चाहिए। आपकी सरकार ने देश के करोड़ों गरीबों से स्वास्थ्य का अधिकार छीन लिया है और अब मां की गोद से बच्चे तक छीनने लगे हैं। मोदी जी यह आवाज उन लाखों मां-बाप की तरफ से उठ रही है, जो आज सरकारी लापरवाही का शिकार हो रहे हैं। क्या जवाब देंगे? हम चुप नहीं रहेंगे। यह लड़ाई हर गरीब, हर परिवार के बच्चे के हक की है।
लापरवाही के पांच दिन बाद भी कमेटी व जांच तक सीमित रही प्रक्रिया
- 31 अगस्त को एमवायएच के एनआइसीयू में नवजातों को चूहों ने कुतरा।
- 2 सितंबर को धार के नवजात की मौत।
- 3 सितंबर को देवास के नवजात की मौत। अस्पताल प्रशासन व राज्य शासन ने लिया एक्शन
- डीन व अस्पताल अधीक्षक को चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने दिया नोटिस
- सहायक अधीक्षक, तीन नर्स निलंबित
- नर्सिंग सुपरिटेंडेंट का स्थानांतरण
- एचओडी पीडियाट्रिक सर्जरी व प्रभारी एनआइसीयू को नोटिस
- पेस्ट कंट्रोल करने वाली एजाइल कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्मानाकमेटियों ने शुरू की जांच, रिपोर्ट का इंतजार
- एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पांच सदस्यों की जांच कमेटी बनाई, जो आठ सितंबर को सौंपेगी रिपोर्ट।
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य स्तरीय जांच कमेटी का दल गुरुवार को पहुंचा, छह सितंबर को सौंपी जाएगी रिपोर्ट।
दोनों नवजातों की हालत गंभीर थी। एक की आंतों में छाले थे, उसका आपरेशन भी किया गया था। दूसरे नवजात को जन्मजात विकृति थी। मौत बीमारी से हुई है। अस्पताल प्रशासन की कोई लापरवाही नहीं है। चूहों के कुतरने से किसी भी नवजात की मौत नहीं हुई है। – डॉ. ब्रजेश लाहोटी, एचओडी, शिशु रोग विभाग।
