
एमआइसी सदस्य मनीष शर्मा मामा ने बताया कि वे नवलखा चौराहा से गुजर रहे थे कि उन्होंने देखा कि एक यात्री बस का चालक और कंडक्टर दोनों गुटखा खाकर बस से बाहर सड़क पर थूक रहे थे। इससे सड़क से गुजर रहे लोगों को खासी परेशानी हो रही थी और स्वच्छता भी प्रभावित हो रही थी। जिसके बाद स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
इंदौर। बस कंडक्टर और चालक को गुटका खाकर सड़क पर थूकना महंगा पड़ा। एमआइसी सदस्य ने दोनों की हरकत देखी तो तुरंत बस रुकवाकर चालानी कार्रवाई की। कंडक्टर और चालक को चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में गलती दोहराई तो और कड़ी कार्रवाई होगी।
बस का चालक और कंडक्टर ने सड़क पर थूका
एमआइसी सदस्य मनीष शर्मा मामा ने बताया कि वे नवलखा चौराहा से गुजर रहे थे कि उन्होंने देखा कि एक यात्री बस का चालक और कंडक्टर दोनों गुटखा खाकर बस से बाहर सड़क पर थूक रहे थे। इससे सड़क से गुजर रहे लोगों को खासी परेशानी हो रही थी और स्वच्छता भी प्रभावित हो रही थी।
एमआइसी सदस्य ने बनवाया चालान
एमआइसी सदस्य मनीष शर्मा ने तत्काल बस रुकवाई। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे गए। मौके पर ही कार्रवाई करते हुए चालक एवं कंडक्टर पर सार्वजनिक स्थान पर थूकने, गंदगी फैलाने और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
इंदौर लगातार बना हुआ है सबसे साफ शहर
बता दें कि इंदौर हाल ही में लगातार आठवीं बार देश का सबसे साफ शहर बना है। लेकिन यह उपलब्धि यूं ही इंदौर शहर को नहीं मिली है। बल्कि इसके पीछे इंदौर के लोगों के अनुशासन, साफ-सफाई के प्रति लग्न और इंदौर नगर निगम के प्रयासों से मिली है। ऐसे में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे यह समझा जा सकता है कि इंदौर क्यों साफ सफाई में नंबर वन है।
