
लसूड़िया थाना परिसर से जब्त कार के टायर-ट्यूब सहित सभी पहिए चोरी करने वाले तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। चोरी पकड़ने की कहानी भी अजीब है। पुलिस चोरी के केस में सेटलमेंट के लिए कंपलीट पहिए खरीदने गई, ताकि फरियादी गाड़ी ले जा सके।
सादे कपड़ों में पुलिस वाले जब एक गैरेज पर पुराने पहिए खरीदने पहुंचे तो गैरेज मालिक ने वही टायर दिखाए जो थाने से चोरी हुए थे। इसी से चोरी का खुलासा हो गया। चोरी करने वाला बदमाश थाने के यार्ड के चौकीदार का साला निकला जो जीजा से मिलने खाचरौद से इंदौर आया हुआ था।
टीआई तारेश सोनी के अनुसार, आरोपियों के नाम
प्राणसिंह चोपड़ा धीरज नगर रोबोट चौराहा,
संदीप पटेल सिंगापुर ग्रीन प्रीमियम और
अभिषेक निवासी खाचरोद हैं।
25 मई को सत्यसांई स्क्वेयर पर चेकिंग के दौरान ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में कार MP09 CF 1085 के चालक को पकड़ा गया था। उसका नाम योगेश गोलवलकर (45) निवासी राजेंद्र नगर है। पुलिस ने चालान बनाकर कार जब्त कर ली थी।ज्यादा वाहन होने से यार्ड में खड़े किए थे : टीआई ने बताया, थाना परिसर में काफी वाहन खड़े हैं, इसलिए हमने बाउंड्री से लगे यार्ड में जब्त कार खड़ी करवा दी थी। वहां दो गार्ड 24 घंटे तैनात रहते हैं। दो दिन बाद योगेश कोर्ट में चालान भरकर कार लेने आया तो पता चला कार के तीन पहिए गायब हैं।
बड़े अफसरों तक पहुंचा था मामला
थाना परिसर से चोरी का मामला बड़े अफसरों तक पहुंचा तो जांच शुरू हुई। थाने में तय हुआ कि पुराने पहिए व टायर खरीदकर कार मालिक को दे दिए जाएं। इसी दौरान सादा कपड़ों में खुफिया ब्रांच के सिपाही एक गैरेज संचालक संदीप पटेल के पास पहुंचे। उससे पुराने पहिए मांगे तो पटेल ने तीन पहिए दिए, जबकि पुलिस को चार चाहिए थे। जब गैरेज मालिक ने तीन व्हील दिखाए तो उस पर शंका हुई। पहियों के फोटो खींचकर टीआई को भेजे तो टीआई ने गैरेज वाले को थाने बुलवा लिया। सख्ती बरती तो वह टूट गया। उसने कबूला, ये टायर अभिषेक ने बेचे हैं।
जीजा गार्ड है, इसी का फायदा उठा चुरा लिए
जब अभिषेक को पकड़ा तो उसने कबूला कि यार्ड में चौकीदार उसका जीजा है। वह जीजा से मिलने इंदौर आया था। यहां उसने खड़ी कार देखी तो पहिए चुराने की योजना बनाई। फिर अपने साथियों के साथ चोरी कर ली। ये पहिए खालसा चौक निरंजनपुर स्थित सांई गैरेज के मालिक संदीप को बेच दिए थे।

