
लोक परिवहन पर आर्थिक संकट -ऑपरेटरों ने बसें खड़ी की, वेतन नहीं मिला तो स्टाफ ने जताया विरोध, बस कंपनी लगातार घाटे में शहर की जनता को रोज सफर कराने वाली सिटी बस सेवा इन दिनों खुद मुश्किलों से जूझ रही है। अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) को देश की सबसे बेहतरीन बस सेवा और लोक परिवहन का आदर्श माना जाता है। यही सिटी बसें आज आर्थिक तंगी से गुजर रही हैं। तीन दिन से करीब 70 रूट पर बसें नहीं चली हैं, क्योंकि ऑपरेटरों को भुगतान नहीं हुआ है। जब बस में काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, तो वे गुस्से में सिटी बस दफ्तर पहुंच गए।1 लाख 30 हजार से ज्यादा यात्री इन्हीं पर निर्भर
यह है मामला
AICTSL के साथ दो निजी कंपनियां मिलकर बसें चलाती हैं। लेकिन एआईसीटीएसएल लगातार घाटे में ही है। एक साल पहले नगरीय प्रशासन मंत्री ने भी इसे लेकर चिंता जताई थी।बताया जा रहा है कि बीते 5 साल में 40 से 50 करोड़ के घाटे में रही कंपनीसीएनजी की कीमत बढ़ने से इसका खर्च भी बढ़ा।महापौर पास योजना के तहत 75 फीसदी किराया नगर निगम को देना होता हैऑपरेटरों ने इसलिए रोकी बसें…?
साल 2021 में 180 CNG बसों के लिए करार हुआ था।
उस समय बस चलाने की लागत 31.50 रुपए प्रति किमी थी।अब सीएनजी भी महंगी और समय पर भुगतान भी नहीं किया जा रहा।सरकार की तरफ से सिर्फ 22 रुपए प्रति किमी सबसिडी मिलती है, जबकि संचालन का खर्च नॉन एसी बसों में 40 रुपए प्रति किमी से ज्यादा और एसी बसों में करीब 70 रुपए पड़ता है।एक दशक पहले जहां 40 हजार लोग सिटी बसों से सफर करते थे, वहीं आज ये संख्या लाखों में पहुंच गई है। लगातार बढ़ती लागत और सीमित कमाई के कारण, अब यह सेवा भी संकट के मोड़ पर खड़ी है।समस्याओं का समाधान कर रहे, शुक्रवार तक बसें चलेंगी^एक ऑपरेटर ने 37 बसों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया है, दूसरे ऑपरेटर की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। शुक्रवार तक बाकी बसें भी चालू हो जाएंगी।- मनोज पाठक, प्रभारी सीईओ, एआईसीटीएसएल

