
सागवान की चोरी- लोगों का आरोप आसपास के गांव के कुछ तस्कर सक्रिय, आरा मशीन लगाकर हर दिन जंगल में चल रही कटाई
चोरल के जंगल में एक ही रात में आरा मशीन लगाकर सागवान के 100 से अधिक बेशकीमती पेड़ काटने का मामला सामने आया है। वन विभाग को चार दिन बाद पता चला। कार्रवाई के बजाय अफसरों ने सबूत मिटाने पेड़ों के ठूंठ में आग लगवा दी और दूसरी किस्म के पेड़ भी काट दिए, ताकि कह सकें कि सिर्फ सागवान नहीं कटा है।
चोरल रेंज के राजपुरा गांव स्थित उंडे नाले वाले खोदरे में ये अवैध कटाई हुई है। पेड़ 40 से 60 फीट लंबे थे। लोगों का आरोप है कि यहां 100 से ज्यादा पेड़ काटे गए हैं, जबकि वन विभाग के कुछ कर्मचारी सिर्फ 40 पेड़ बता रहे हैं। कटे हुए पेड़ मंगलवार को रेंज ऑफिस ले जाकर पुराने पेड़ों के साथ उनकी नंबरिंग कर दी गई।
दड़-कुलथाना, खरगोन व राजपुरा के रास्ते ला रहे लकड़ियां
सूत्रों का कहना है कि चोरल के जंगल का बेशकीमती सागवान कटने के बाद लकड़ियां दड़-कुलथाना, खरगोन और राजपुरा के रास्ते इंदौर लाई जा रही हैं।
बुधवार को भास्कर टीम पहुंची तो घटनास्थल पर कटे पेड़ों के ठूंठ मिले। उनके पास बुरादा भी पड़ा था। स्पष्ट है आरा मशीन से बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि घटना चार-पांच दिन पुरानी है। मंगलवार को वन विभाग की दमकल पहुंची। वनकर्मी आरा मशीन से टुकड़े कर आधे से ज्यादा कटी लकड़ी ले गए।।
एसडीओ की भूमिका पर सवाल
बुधवार को एसडीओ भी मौके पर पहुंचे। 10 से ज्यादा मजदूरों को लगाकर सबूत नष्ट करवाए। दूसरी किस्म के पेड़ भी काटे, फिर ठूंठों को जला दिया। ऊपर पत्ते ढंक दिए गए।
कोई जवाब नहीं दे रहा- मामले में डीएफओ प्रदीप मिश्रा, एसडीओ कृष्णा निनामा व रेंजर सचिन वर्मा को फोन लगाए लेकिन जवाब नहीं दिया
