
इंदौर एक्टिवा से पौने तीन लाख का कलेक्शन लेकर जा रहे एक डेली कलेक्शन एजेंट से सनसनीखेज तरीके से लूट हो गई। पीछा कर रहे बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे टक्कर मारकर गिरा दिया। फिर एक बदमाश एक्टिवा लूटकर भाग गया।
दूसरे बदमाश ने एजेंट के सीने पर पत्थर मारा। वह हत्या कर भागने की फिराक में था, लेकिन इसी दौरान उसकी बाइक की चाबी कहीं गिर गई। चाबी खोजता तब तक लोग दौड़े और उसे पकड़ लिया। फिर पुलिस ने दूसरे बदमाश को पकड़ा। तब पता चला कि एक बदमाश एजेंट को पहले से जानता था। 15 दिन से लूटने की योजना बनाई जा रही थी। जोन-4 एडिशनल डीसीपी आनंद यादव के अनुसार शनिवार रात 8 बजे विशेष जूपिटर हॉस्पिटल के सामने एक्टिवा से जा रहे डेली कलेक्शन एजेंट विजय कुमार चोपड़ा निवासी नानक नगर के साथ लूट करने वाले बदमाश शिवम पिता संतोष निवासी शांतिपार्क कॉलोनी देपालपुर और रोहित पिता रमेश निवासी गोम्मटगिरि को पकड़ा है।
विजय एक टेलीकॉम कंपनी के लिए कई सेंटर से पैसे कलेक्ट करता है। एक आरोपी शिवम भी एक सेंटर पर काम करता था। इसलिए उसे पता था कि विजय रोजाना लाखों रुपए लेकर जाता है। इसलिए उसने 15 दिन पहले ही लूट की साजिश रची और शनिवार को वारदात कर दी। बकौल विजय मैं रोज की तरह अपनी एक्टिवा पर 2.69 लाख रुपए का कलेक्शन कर तीन इमली से आईटी पार्क चौराहे की तरफ जा रहा था।
अस्पताल के आगे पहुंचते ही पीछे से बाइक सवार नकाबपोशों ने मुझे टक्कर मारी। इससे मैं गिर गया। गिरते ही बाइक पर पीछे बैठा बदमाश मेरी एक्टिवा लेकर भाग गया। दूसरे ने मेरे सीने पर एक बड़ा पत्थर मारा और अपनी बाइक उठाने लगा, लेकिन उसकी चाबी कहीं गिर गई। वह चाबी खोजने लगा। फिर एक पत्थर उठाकर मेरे सिर पर मारकर जान लेने वाला था, तभी मैंने शोर मचा दिया। इतने में अस्पताल का गार्ड और कुछ स्टूडेंट आ गए। मैंने जोर से चिल्लाया कि ये लुटेरा है। उसने मेरे पैसे लूटे हैं।
लोगों ने उसे पकड़ा तब भी उसके हाथ में बड़ा पत्थर था। वह मेरी हत्या कर भागने की फिराक में था। हम लोग आरोपी को थाने लेकर पहुंचे। एसीपी देवेंद्र धुर्वे और टीआई राजकुमार यादव ने आरोपी से पूछताछ की। उसने अपने साथी शिवम का नाम कबूला। फिर टीम देपालपुर पहुंची। वहां से आरोपी से 2.16 लाख रुपए बरामद हुए। आरोपी ने पकड़ाने के डर से मेरी एक्टिवा चाबी लगाकर एक जगह छोड़ दी थी। जब पुलिस खोजने गई तो वहां से कोई और एक्टिवा चुराकर ले गया है। एक को लोगों ने पकड़ा, दूसरे को पुलिस ले आई, कोरियर कंपनी में काम करता था एक लुटेरा, कलेक्शन देख रची साजिश
