
ओटी में विवाद, आपस में मारपीट, काम बंद, दर्जनभर ऑपरेशन टालना पड़े
एमवाय अस्पताल में सोमवार रात को हड्डी रोग विभाग और एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। घटना के बाद मंगलवार को एनेस्थीसिया विभाग के गुस्साए डॉक्टरों ने काम नहीं किया। इस कारण सर्जरी का काम भी प्रभावित हुआ। काम नहीं करने के कारण करीब 12 आपातकालीन और सामान्य सर्जरी नहीं हो सकी। बीते एक साल में मारपीट के ऐसे चार मामले सामने आ चुके हैं। हर बार हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों का ही नाम सामने आया है।
दरअसल, रात 10 बजे यह विवाद ऑपरेशन थिएटर में एक टेबल को हटाने की बात को लेकर हुआ। हड्डी रोग विभाग के रेजीडेंट डॉ. प्रवीण ने एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. मानव को ओटी की टेबल को हटाकर दूसरी जगह रखने के लिए कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। फिर बहस शुरू हुई और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
रात को ही सूचना मिलने पर दोनों विभागों के अन्य डॉक्टर मौके पर पहुंचे और विवाद बढ़ता गया। घटना के विरोध में एक-दूसरे के खिलाफ मौखिक शिकायत करने के लिए डीन कार्यालय पहुंचे। काफी देर तक वहां गहमागहमी रही।
एनेस्थीसिया विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने विभागाध्यक्ष से भी इसकी शिकायत की। विभागाध्यक्षों ने समझौते की बात कही। प्रभारी डीन डॉ. अशोक पंचोनिया ने बताया दोपहर में छात्र मिलने आए थे, लेकिन उन्होंने लिखित शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलेगी तो जांच कर कमेटी बनाई जाएगी। कार्रवाई की जाएगी।
हड्डी रोग विभागाध्यक्ष ने बनाई जांच कमेटी
हड्डी रोग विभाग के एचओडी डॉ. कुंदन कुशवाह ने बताया कि दूसरे प्रोफ के छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, लेकिन बाद में समझौता हो गया था। हमने जांच कमेटी बना दी है। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
हमने कॉलेज को सूचित कर दिया, वही जांच करेंगे
एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष बंजारे ने बताया कि बच्चे शिकायत लेकर आए थे। हमने डीन ऑफिस को सूचित कर दिया है। हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों से विवाद हुआ था। इस मामले में कॉलेज प्रशासन जांच कमेटी बना रहा है। वही जांच करेंगे।
छात्राओं ने भी हड्डी रोग विभाग की शिकायत की
छात्राओं ने भी हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों की मौखिक शिकायत की है। उनका कहना है कि आए दिन विवाद करते हैं। दोपहर में निलंबित करने का निर्णय भी लिया जा रहा था, लेकिन दोपहर बाद हड्डी रोग विभाग के छात्र के पिता अधीक्षक व डीन से मिलने पहुंचे।
मांगों का समाधान नहीं, डॉक्टरों का प्रदेशव्यापी आंदोलन कल से
इंदौर| मप्र शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ के डॉक्टरों से संबंधित मांगों का निराकरण नहीं हुआ। अब डॉक्टर 20 फरवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। मेडिकल कॉलेज, गृह विभाग, गैस राहत विभाग में कार्यरत 15 हजार डॉक्टर्स और जूनियर डॉक्टर्स मांगों को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। मंगलवार को जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। प्रभारी डीन डॉ. अशोक पंचोनिया को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शन का ये रहेगा सिलसिला
20 व 21 फरवरी को काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे।
22 फरवरी को आधे घंटे कार्यस्थल के बाहर विरोध करेंगे। इमरजेंसी सेवा चालू रहेगी।
24 फरवरी को प्रदेशव्यापी सामूहिक उपवास कर एक घंटे अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
25 फरवरी को प्रदेशव्यापी असहयोग आंदोलन किया जाएगा।
