
लसूड़िया पुलिस की टीम ने नकली नोट कांड में अंतरराज्यीय गैंग के मुख्य सरगना को नागपुर जाकर गिरफ्तार किया है। इनके नाम मलकित सिंह निवासी क्वार्टर नंबर 80 और मनप्रीत सिंह विर्क दोनों निवासी चोक्स कॉलोनी नागपुर हैं। अब तक पूरे प्रकरण में 6 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
ये आरोपी 20 लाख के नकली नोट महाराष्ट्र और मप्र में चला चुके हैं। गिरोह का सरगना नागपुर में किराए का फ्लैट लेकर वहां नकली नोट तैयार करता था। इस गिरोह के एजेंट कई राज्यों में सक्रिय हैं। इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
डीसीपी जोन-2 अभिनव विश्वकर्मा ने बताया, इनसे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें महिपाल बेड़ा निवासी जोधपुर (वर्तमान में नसरुल्लागंज), अनुराग चौहान सीहोर, मोहसिन खान खजराना और शुभम रजक जबलपुर (वर्तमान में स्कीम-136, इंदौर) हैं।
मामले में एसीपी विजय नगर आदित्य पटले की टीम ने पहले आरोपी शुभम रजक को गिरफ्तार कर भंडाफोड़ किया था। इसके कब्जे से 500-500 के 46 नकली नोट मिले थे। पूछताछ में इसने नसरुल्लागंज निवासी महिपाल की जानकारी दी थी। ये उसी से नकली नोट लाया था। टीम ने महिपाल को गिरफ्तार किया तो उसने नकली नोट नागपुर में मनप्रीत से लाने की बात कही।
10 लाख में लिए थे नकली नोट
महिपाल ने कबूला कि उसे नकली नोट आधी कीमत में मनप्रीत देता था। अब तक ये उससे 10 लाख रुपए में 20 लाख के नकली नोट लेकर चला चुका है। इसके अलावा कुछ नोट अनुराग चौहान नसरुल्लागंज एवं मोहसिन खान को भी बेच चुका है, जिसके आधार पर मोहसिन एवं अनुराग को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों से नकली नोट बरामद करने के बाद टीम मुख्य सरगना मनप्रीत सिंह निवासी नागपुर तक पहुंच गई।
मलकित के फ्लैट में 3 लेजर कलर प्रिंटर, 2 लेमिनेशन मशीन मिली : मलकित को गिरफ्तार करने के साथ टीम उसके फ्लैट पहुंची तो वहां नकली नोट छापने का पूरा सेटअप तैयार मिला। इसमें 3 लेजर कलर प्रिंटर, 2 लेमिनेशन मशीन, ए-फोर साइज के 85 जीएसएम कागज (इन पर 500 व 200 रुपए के नोट छापे जाते थे) और नोट बनाने में प्रयुक्त होने वाली वाटरमार्क व्हाइट इंक आदि सामग्री जब्त की गई।
