
इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की कमी नहीं है। बिना हेलमेट गाड़ी चलाना, तीन सवारी बैठाना, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और रेड लाइट तोड़ने जैसे मामलों पर ट्रैफिक पुलिस नजर रख रही है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के जरिए हर दिन करीब तीन हजार चालान बनाए जा रहे हैं। चालान का नोटिस भेजने के साथ ट्रैफिक पुलिस लोगों को फोन कर नियमों के प्रति जागरूक कर रही है, ताकि वे आगे से नियमों का पालन करें।
बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 300 रुपए का चालान बनता है। इसे ट्रैफिक थाने या ट्रैफिक पुलिस की पीओएस मशीन से भरा जा सकता है। एक महीने के बाद यह चालान कोर्ट में भेज दिया जाता है, जहां 1,000 रुपए का जुर्माना भरना पड़ता है।
ITMS के कैमरे शहर के 18 स्थानों पर लगे हैं। ये कैमरे बिना हेलमेट, रेड लाइट तोड़ने, तीन सवारी और रॉन्ग साइड गाड़ी चलाने वालों की पहचान करते हैं। ट्रैफिक पुलिस यह जानकारी सॉफ्टवेयर के जरिए चेक करती है। वाहन पोर्टल से गाड़ी का नंबर, मालिक का मोबाइल नंबर और बाकी जानकारी मिल जाती है।
ट्रैफिक पुलिस हर 15 दिन में लोगों को फोन और मैसेज करके चालान भरने की याद दिलाती है। इस प्रक्रिया से न केवल चालान वसूला जा रहा है, बल्कि लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
नोटिस जारी होने पर कॉल भी करती है ट्रैफिक पुलिस
ट्रैफिक पुलिस की टीम गाड़ी नंबर और नियम तोड़ने की घटना को दोबारा जांचती है। इसके बाद वाहन पोर्टल के जरिए संबंधित व्यक्ति को नोटिस भेजा जाता है। इस नोटिस में बताया जाता है कि उन्होंने ट्रैफिक नियम तोड़ा है और उनका चालान बन चुका है।
नोटिस भेजने के साथ ही ट्रैफिक पुलिस की टीम सरकारी नंबर से संबंधित व्यक्ति को फोन भी करती है। कॉल में उन्हें बताया जाता है कि उन्होंने कौन सा नियम तोड़ा है और इसके लिए चालान क्यों बना है। इसके बाद उन्हें 15 दिनों के अंदर ट्रैफिक थाने या चौराहों पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के पास पीओएस मशीन के जरिए चालान भरने के लिए कहा जाता है।
15 दिन बाद फिर आता है फोन
अगर 15 दिनों के भीतर चालान जमा नहीं किया जाता, तो ट्रैफिक पुलिस दोबारा नोटिस भेजती है और संबंधित व्यक्ति को फिर से फोन कर चालान भरने के लिए कहती है। इस बार उन्हें ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी दी जाती है। हालांकि, ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम को और बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। अगर कोई व्यक्ति किसी कारण से ट्रैफिक थाने या चौराहे पर जाकर चालान नहीं भर सकता, तो वह ऑनलाइन भुगतान कर सकता है। इसके साथ ही पुलिस यह भी जानकारी देती है कि यदि चालान समय पर जमा नहीं किया गया, तो इसे कोर्ट भेज दिया जाएगा।
चालान नहीं भरने पर कोर्ट में मामला जाता है
सब-इंस्पेक्टर सुनील पाटीदार के अनुसार, यदि एक महीने के भीतर भी चालान जमा नहीं किया जाता, तो इसे कोर्ट में भेज दिया जाता है। बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर राज्य मोटरयान अधिनियम के तहत 300 रुपए का चालान ट्रैफिक थाने या चौराहों पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के पास जमा करना होता है। लेकिन अगर चालान कोर्ट चला जाता है, तो केंद्रीय मोटरयान अधिनियम के अनुसार कम से कम 1,000 रुपए का जुर्माना भरना पड़ता है।
इन चौराहों पर बन रहे चालान
ITMS द्वारा बनाए जा रहे चालान की बात करें तो ये चालान एलआईजी चौराहा, रसोमा चौराहा, स्कीम नंबर 78 चौराहा, इंदिरा प्रतिमा चौराहा, लक्ष्मीबाई प्रतिमा चौराहा, पल्हर नगर चौराहा, टाटा स्टील चौराहा, रामचंद्र नगर चौराहा, होमगार्ड चौराहा, पीपल्याहाना चौराहा, बांबे हॉस्पिटल चौराहा, बंगाली चौराहा, पत्रकार चौराहा, गिटार चौराहा, रोबोट चौराहा पर चालानी कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा भी अन्य चौराहों पर भी कैमरे लगे है, लेकिन उनसे अभी ITMS द्वारा चालान बनना शुरू नहीं हुए है।
अब बात कर लेते है चौराहों पर कहा कितने कैमरे लगे है
इन चौराहों पर दो अलग-अलग कैमरे लगे है जिसमें एक है ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे और दूसरा है रेड लाइड वायलेशन डिटेक्शन। जिनके माध्यम से चालान बनाए जा रहे है।
गलत नंबर की शिकायतें भी आती हैं
ट्रैफिक पुलिस को कई बार गलत चालान की शिकायतें मिलती हैं। नोटिस जारी होने के बाद 15 दिनों के भीतर कुछ लोग यह दावा करते हैं कि उन्हें गलत चालान भेजा गया है। कई बार लोग चालान से बचने के लिए गाड़ी के नंबर में छेड़छाड़ कर देते हैं, जैसे 6 को 8 या 8 को 6 बना देते हैं। इससे चालान गलत व्यक्ति के नाम पर जारी हो जाता है।
शिकायत मिलने पर ट्रैफिक पुलिस इसे क्रॉस-चेक करती है और यदि गलती पाई जाती है, तो उसे सही किया जाता है। वहीं, यदि किसी व्यक्ति की गाड़ी चोरी हो गई हो और उसके नाम पर नोटिस जारी हो गया हो, तो इस स्थिति में भी शिकायत का समाधान किया जाता है।
ट्रैफिक थाने पर बढ़ रही भीड़
ट्रैफिक नियम तोड़ने पर लोगों को मैसेज और फोन कॉल के जरिए जानकारी दी जाती है। कॉल मिलने के बाद लोग ट्रैफिक थाने पहुंचकर चालान जमा कर रहे हैं। रोजाना करीब 500 से 700 लोग अपने चालान भरने आ रहे हैं।
ITMS के जरिए चालान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सिटी बस ऑफिस और ट्रैफिक थाने पर 25 लोगों की टीम तैनात है। यह टीम दो अलग-अलग शिफ्टों में काम कर रही है, ताकि चालान प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके।
