
इंदौर के रावजी बाजार इलाके में गैरेज संचालक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन लोगों को नामजद आरोपी बना लिया है। बताया जाता है कि मुख्य आरोपी रोहन, अन्य लोगों से कहता था कि वह राज के गैरेज पर गाड़ियों का काम न करवाएं, क्योंकि राज ज्यादा पैसे लेता है। इस वजह से दोनों के बीच एक सप्ताह से विवाद चल रहा था।
डीसीपी ऋषिकेश मीना के अनुसार, पुलिस ने हत्या के आरोपी रोहन पुत्र राजू वर्मा, शुभम पुत्र राजेश फुलेरिया और प्रतीक पुत्र राजेश धिमान को हत्या और जान से मारने की नीयत से चाकू मारने के मामले में गिरफ्तार किया है। इस मामले में विशाल बनोधा ने एफआईआर दर्ज कराई है।
विशाल के अनुसार, राज, सौरभ और चिंटू राजपूत के साथ लाईट हाउस मल्हार मेगा माल गए थे, जहां राज के मोबाइल पर रोहन का कॉल आया। रोहन ने अपशब्दों में बात की और जान से मारने की धमकी दी। बाद में, वह बाबू के खेत पर आने की बात कहने लगा।
सभी दोस्त बाइक से वहां पहुंचे, जहां पहले से ही आरोपी हथियारों से लैस खड़े थे। शुभम और प्रतीक ने राज को घेर लिया, जबकि रोहन ने चाकू निकालकर राज के प्राइवेट पार्ट में दो से तीन वार किए और फिर पैरों पर भी वार किए। सौरभ ने उसे रोकने की कोशिश की, जिससे सौरभ के हाथ में चोट लगी। राज जमीन पर गिर पड़ा और उसे गाड़ी से एमवाय अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गैरेज को लेकर विवाद
रोहन आए दिन राज के गैरेज को लेकर बातें करता था और कहता था कि राज गाड़ियों के रिपेयरिंग के लिए ज्यादा पैसे लेता है, इसलिए लोगों को उसके यहां काम नहीं करवाना चाहिए। इस बात को लेकर करीब एक सप्ताह से दोनों के बीच कहासुनी चल रही थी। राज ने कहा था कि वह रोहन को देख लेगा। इसी विवाद के चलते रोहन ने राज पर हमला करने की साजिश रची।
आरोपियों को फांसी देने की मांग
राज के माता-पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी थी। वह अपने चाचा-चाची के साथ परिवार में रहता था। उसका एक भाई भी है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि राज काफी मिलनसार और सभी से अच्छे रिश्ते रखता था। उसकी हत्या के बाद गाड़ी अड्डा इलाके के लोगों ने हाथों में तख्तियां और आरोपियों के फोटो लेकर प्रदर्शन किया।
उन्होंने आरोपियों को फांसी देने की मांग की है और कहा है कि हत्या के मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। इस घटना को लेकर इलाके में गहरा रोष है, और रहवासियों ने चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
