
इंदौर-खंडवा रोड पर गड्ढे भरने का काम शुरू हो गया है। सड़क सुधारने वाली एजेंसी ने इसके लिए दस दिन का टारगेट रखा है। इंदौर शहर के करीब तेजाजी नगर से सिमरोल के बीच सड़क की स्थिति काफी खराब हो गई है।
गड्ढों को भरने से पहले पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है।
इस दौरान एक तरफ से वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है।
बरसात की वजह से सर्विस लेन की हालत काफी खराब हो चुकी है।
इंदौर-खंडवा मार्ग पर सर्विस लेन की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। निर्माण एजेंसी गड्ढे भरने में लगी है। एनएचएआई के निर्देश के बाद एजेंसी सड़क को सुधारने में जुटी है। मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक होने से रात में डामरीकरण किया जा रहा है। एजेंसी ने दस दिनों में काम पूरा करने लक्ष्य तय किया है। बता दें कि तेजाजी नगर से सिमरोल के बीच चार स्थानों पर सड़क की हालत काफी खस्ता है। राजमार्ग पर तलाई की सुरंग की अप्रोच रोड छोड़कर एजेंसी बाकी काम कर रही है। चोखी ढाणी, उमरीखेड़ा और चमेलीदेवी कॉलेज के सामने फ्लाईओवर और अंडरपास बनाया रहा है। इसके साथ ही डायवर्ट मार्ग यानी सर्विस लेन की मरम्मत चल रही है। गड्ढों को भरने से पहले सड़क पर पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है। साथ ही डामर बिछाया जा रहा है। इस दौरान एक तरफ से वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है। मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेश्वर राव का कहना है कि 30 अक्टूबर तक मरम्मत का काम पूरा किया जाएगा। उमरीखेड़ा के पास एक हेक्टेयर जमीन मिल चुकी है। वनभूमि पर लगे पेड़ों को काटकर जमीन को समतल किया जा रहा है।
बढ़ गए थे हादसे
बरसात की वजह से सर्विस लेन की हालत काफी खराब हो चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। यहां से दोपहिया व कार चलाने में लोगों को काफी परेशानी आती है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अंधेरे में हादसे होते हैं। साथ ही संकेतक भी नहीं है। इस वजह से चालकों को सड़क के गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता है। कई बार गड्ढों को बचाने के चक्कर में दुर्घटनाएं होती हैं। बीते तीन महीनों में छोटे-बड़े दस से पंद्रह हादसे हो चुके हैं।
करेंगे समीक्षा
सड़क की मरम्मत को लेकर एजेंसी को निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से चर्चा करने के बाद दिन में पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है और रात में मरम्मत कर रहे हैं। नवंबर में निर्माण कार्य की समीक्षा की जाएगी। – सुमेश बांझल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
700 मीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए भूमिपूजन
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने प्लैटिनम पैराडाइस कॉलोनी से काउंटीवाक कालोनी चौराहे तक बनने वाली 700 मीटर लंबी सड़क का रविवार को भूमिपूजन किया। दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क झालारिया गांव की कॉलोनियों, आसपास के गांवों और स्कूलों तक पहुंचने में सहायक सिद्ध होगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सिलावट ने कहा कि 29 ग्रामों के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। शहर में 468 करोड़ रुपये की लागत से 23 सड़कों का निर्माण कार्य केंद्र से स्वीकृत हुआ है। इसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति में होगा।
61 गांवों को भी निगम सीमा में शामिल किया जाएगा
महापौर भार्गव ने कहा कि वर्ष 2014 में नगर निगम में शामिल हुए 29 गांवों के वार्डों के विकास के लिए शहरी वार्डों के मुकाबले चार गुना अधिक राशि का प्रविधान किया गया है। आने वाले वर्षों में मास्टर प्लान के तहत शेष 61 गांवों को भी निगम सीमा में शामिल किया जाएगा।
इन गांवों के विकास की योजना पर निगम ने काम शुरू कर दिया है। इन ग्रामों की निगम से लगी सीमा के निकट कचरे के निपटान के लिए प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
