
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ई-रिक्शा ड्राइवर ने पीछे बैठी सवारी द्वारा इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। इंजेक्शन लगाने के 10 मिनट में ही उसे शरीर में दर्द होने लगा और उल्टी होने लगी। इसके बाद आरोपित वहां से भाग गए। ड्राइवर ने तुरंत घर फोन कर इसकी सूचना दी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
इंदौर के राजवाड़ा से बैठाई थी दो सवारी।
उन्हें कलारिया गांव ले जा रहा था ड्राइवर।
पुलिस CCTV से तलाश रही आरोपितों को।
इंदौर। इंदौर चंदन नगर थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा ड्राइवर को पीछे बैठे दो लोगों ने इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस के मुताबिक जयाराम पाल निवासी प्रजापत नगर ने बताया कि शनिवार शाम छह बजे राजवाड़ा चौक छत्री से दो अज्ञात व्यक्ति, ई-रिक्शा में ग्राम कलारिया जाने का बोलकर बैठे थे। जैसे ही नावदापंथ ब्रिज के ऊपर पहुंचा, तो एक आरोपित ने पीछे से इंजेक्शन लगा दिया। इसके 10 मिनट बाद मुझे परेशानी होने लगी। शरीर में दर्द चालू हो गया और उल्टी होने लगी। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
यह नहीं पता कि कौन सा इंजेक्शन लगाया
ड्राइवर के स्वजन ने बताया कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि कौन-सा इंजेक्शन लगाया था। जहां इंजेक्शन लगा है वहां सूजन भी है। वहीं पुलिस का कहना है कि शरीर में अभी तक इंजेक्शन के निशान नहीं मिले हैं। मामले की जांच कर रहे हैं।
गाड़ी पुल पर थी, तभी चुभन महसूस हुई
ड्राइवर ने बताया कि वह डेढ़ किलोमीटर तक गलत दिशा में रिक्शा चलाकर आया। इसके बाद भीड़ वाली जगह पर रुककर परिवार को जानकारी दी। साथ ही बताया कि जब गाड़ी पुल पर थी तभी चुभन हुई, देखा तो एक युवक इंजेक्शन लगा रहा था।
पूछा कि यह क्या कर रहे तो कहा कि ‘बेटा तेरा काम हो गया, अब तू गया।’ इामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की तलाश कर रही है।

