
राजस्थान हाईकोर्ट में 222 रिक्त पदों को भरने के लिए न्यायपालिका 2024 परीक्षा 23 जून को आयोजित की है। इस कारण बीते दिनों विद्यार्थियों ने परीक्षा विभाग के उपकुलसचिव प्रज्वल खरे के समक्ष आवेदन दिया और पेपर को आगे बढ़ाने की गुहार लगाई।
राजस्थान न्यायपालिका 2024 के कारण बदला समय।
विद्यार्थियों ने परीक्षा आगे बढ़ाने की लगाई थी गुहार।
19 जून से शुरू होने वाली परीक्षा को आगे बढ़ा दिया।
इंदौर। राजस्थान न्यायपालिका 2024 की परीक्षा 23 जून रविवार को होना है, जिसमें स्नातक विधि पाठ्यक्रम खत्म कर चुके अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। इस संबंध में विद्यार्थियों ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय को आवेदन तक LLM की परीक्षा आगे बढ़ाने की गुहार लगाई। इसके बाद विश्वविद्यालय को अपनी स्नातकोत्तर विधि पाठ्यक्रम की परीक्षा में फेरबदल करना पड़ा। 19 जून से शुरू होने वाली परीक्षा आगे बढ़ा दिया है। अब 1 जुलाई से पेपर रखे गए है। अधिकारियों के मुताबिक, LLM फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा का नया शेड्यूल विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट में 222 रिक्त पदों को भरने के लिए न्यायपालिका 2024 परीक्षा 23 जून को रखी है।
पेपर को आगे बढ़ाने की गुहार
मध्य प्रदेश से एलएलबी, बीए एलएलबी, बीकॉम एलएलबी, बीबीए एलएलबी कर चुके विद्यार्थियों ने आवेदन कर रखा है, जिसमें देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भी है। पिछले दिनों विद्यार्थियों ने परीक्षा विभाग के उपकुलसचिव प्रज्वल खरे के समक्ष आवेदन दिया और पेपर को आगे बढ़ाने की गुहार लगाई।
अधिकारियों की बैठक
इस संबंध में परीक्षा और गोपनीय विभाग के अधिकारियों की बैठक रखी, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा दिए आवेदन पर भी चर्चा की गई। मामले में 30 से 40 विद्यार्थियों के परीक्षा में सम्मिलित होने की बात कही। बाद में कुलगुरु डॉ. रेणु जैन ने 10 दिन परीक्षा आगे बढ़ाने को मंजूरी दी।
19 जून की बजाए अब एलएलएम की 1 जुलाई से परीक्षा होगी, जो 8 जुलाई तक चलेगी। 4 विषय की परीक्षा रखी गई है। लगभग 200 से 300 छात्र-छात्राएं एलएलएम परीक्षा देंगे। परीक्षा विभाग के उप कुलसचिव खरे का कहना है कि परीक्षा का नया शेड्यूल बनाकर पोर्टल पर अपलोड कर दिया है।
5महीने पिछड़ी परीक्षा
कॉलेजों की लापरवाही की वजह से LLM की परीक्षा 5 महीने पिछड़ चुकी है। एलएलएम फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा जनवरी-फरवरी में होना थी, लेकिन मान्यता-संबद्धता से जुड़े दस्तावेज कॉलेजों ने नहीं दिए। मई में कॉलेजों की तरफ से जानकारी मिली। उसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जुलाई में परीक्षा रखी है।

