सालों से प्रदेश में भाजपा की सरकार है विकास के दावों की पोल कैसे खुल रही है यह स्टोरी देख सकते हैं।जिले के गंजबासौदा जनपद पंचायत के
ग्राम रीछई के आदिवासी बाहुल्य ग्राम कोहना की महिलाओं ने जल संकट को लेकर एसडीएम विजय राय को ज्ञापन सौंपा। इन महिलाओं ने एसडीएम से कहा कि वे खुद गांव आकर स्थिति देखें और हमारी समस्या का समाधान करें।तो वहीं प्रधानमंत्री आवास का लाभ ना मिलने का भी आरोप लगाते हुए कई ग्रामीण एसडीम के पास पहुंचे। जानकारी के अनुसार गंजबासौदा जनपद के ग्राम पंचायत जाजौन के तहत आने वाली मालूद बस्ती की सहरिया आदिवासी महिलाओं ने तहसील में नारेबाजी की और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग को लेकर एसडीएम विजय राय को ज्ञापन सौंपा। सहरिया आदिवासी महिलाएं सीता बाई,गुड्डी बाई का कहना है कि दो पीढ़ियों से मालूद बस्ती में रह रहे हैं। आज तक बस्ती के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है।आज भी हालात यह हैं कि घास फूस और लकड़ी से बने टपरों में एक-एक परिवार के 15 से 16 लोग रह रहे हैं।आसपास के ग्रामों में योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है पर हमारी बस्ती को आज तक लाभ नहीं मिला। क्या आदिवासी बस्तियों के इन लोगों के आरोपी को देखकर कहा जा सकता है कि यह विकसित मध्य प्रदेश है।
