इंदौर में पढ़ी लिखी महिलाओं के साथ ही घरेलू कामकाजी महिलाओं को भी सायबर अपराधी निशाना बनाते हुए नजर आ रहे है जिसमे होम अरेस्टिंग से लेकर करेंसी के नाम पर टास्क पूरे करने की लालच देकर हजारों रुपए ठगी के दो अलग अलग मामले सायबर अपराध शाखा ने दर्ज किए हैं और बैंक खाते को भी सीज किया गया है….।
पूरे मामले में एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा के मुताबिक मल्हारगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला को 9 अप्रैल को एक मेल प्राप्त हुआ था जो कि अभिषेक दत्ता और एलेश मन मन के नाम से मेल आया था जब उन्होंने उसे मेल को क्लिक किया तो वह ऑटोमेटिक टेलीग्राम के माध्यम से ग्रुप से जुड़ गई थी और फिर साथ तरह के टाक दिए गए जिसमें से तीन तक से पूरे करने के बाद में पीड़ित महिला के खाते में कुछ क्रिप्टो करेंसी आ गई थी उन क्रिप्टो करेंसी को नगद राशि में तब्दील करने के लिए महिला को कहा गया की ₹40000 की राशि वह खाते में डालें जब महिला ने ₹40000 सामने वाले व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किया तो कहा गया की ₹30000 और ट्रांसफर करें इस तरह से महिला समझ गई कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है और पूरे मामले में साइबर हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से शिकायत की गई है पुलिस ने जी खाते में रुपए ट्रांसफर किए गए थे उसे पूरी तरह से चीज कर दिया गया है
दूसरा मामला सदर बाजार थाना क्षेत्र में रहने वाली है कि पीड़िता ने साइबर हेल्प डेस्क से मदद की गुहार लगाई जिसके बाद पूरे मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला को पाकिस्तान से जेनरेटेड एक नंबर के माध्यम से फोन कॉल आया था कॉलर द्वारा स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुए प्रीत के बेटे को रेप केस में राहत देने के लिए ₹100000 की डिमांड की गई और एक ऑडियो कॉल भी सुनाया गया जिसमें एक बच्चा रो रहा था और कह रहा था की मां मुझे बचा लो लेकिन पीड़िता अपने बेटे की आवाज मैं संदेह हुआ तब जाकर महिला ने तुरंत साइबर हेल्प डेस्क की मदद ली वह पूरे मामले में शिकायत दर्ज कराई है पुलिस नंबर के आधार पर जांच पड़ताल में जुटी हुई है महिला का बच्चा अन्य राज्य में रहकर पढ़ाई कर रहा है यदि महिला अपने बच्चों की आवाज नहीं पहचान पाती तो वह एक हम अरेस्टिंग के साथ ही धोखाधड़ी की शिकार हो सकती थी लेकिन जागरूकता के कारण ही आज महिला साइबर अपराधियों से बच गई
