
समिति द्वारा 40 डिग्री से अधिक की भीषण गर्मी में सिर पर पोटली का वजन रख पांच दिन में 118 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे पचास हजार से अधिक पंचक्रोशी यात्रियों की प्रतिदिन तीन महाप्रसाद सेंटर हर पड़ाव एवं उप पड़ाव पर 24 घंटे 2 मई से निरंतर आज दिनांक तक की गई पंचक्रोशी महाप्रसाद भोजन सेवा को इस वर्ष के गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।उक्त सूचना गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के मध्यप्रदेश प्रमुख एडवोकेट डा राजेंद्र दुबे जी द्वारा आज भी प्रातः तक निरंतर चल रही भोजन सेवा की जानकारी प्राप्त करने के पश्चात दी।जल्द ही इस संबंध में कुछ डॉक्यूमेंटेशन एवम वीडियो फोटो के सबमिशन के बाद उक्त सर्टिफिकेट समिति को विधिवत कार्यक्रम में आमंत्रित कर प्रदान किया जाएगा।एडवोकेट डा श्री राजेंद्र दुबे जी के अनुसार उनकी जानकारी यह पहली बार आया है की 40 डिग्री से अधिक की भीषण गर्मी में सिर पर पोटली में अपने 6 दिनों की दिनचर्या के सामान का वजन ले चल रहे पचास हजार से अधिक पंचक्रोशी यात्रियों को उज्जयनी सेवा समिति प्रति वर्ष 2019 से उनके हर पड़ाव पर तैयार भोजन सामग्री रोटी,लौंजी, मीठा,गुरुजी ठंडाई का शरबत एवम गर्मी को देखते हुए प्याज लगभग पचास हजार पंचक्रोशी यात्रियों को प्रतिदिन लगातार छह दिनों तक परोसती है।
इस वर्ष इस सेवा की शुरुआत उज्जैन के संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता द्वारा MDM पर भोजन निर्माण हेतु भट्टी पूजन कर भोजन निर्माण व्यवस्था का संपूर्ण निरीक्षण किया।इस वर्ष भी एक दिन पूर्व में शुरू हुई पंचक्रोशी यात्रा हेतु समिति की भोजन महाप्रसाद सेवा का शुभारंभ मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने बाबा महाकाल को माल्यार्पण एवं भोग समर्पित कर की।

3 मई को तय तिथि पर श्री नागचंद्रेश्वर महादेव पर समिति की भोजन महाप्रसाद योजना की विधिवत मुख्य पूजा एवम भोग समर्पण परमदरणीय युवराज स्वामी डा माधव प्रपन्नाचार्य रामानुज कोट द्वारा कराई गई।तत्पश्चात श्री पिंगलेश्वर महादेव पड़ाव पर श्री उमेश नाथ जी महाराज राज्यसभा सदस्य के मुख्य आतिथ्य में महाप्रसाद सेवा शुरू की गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के संरक्षक सुप्रसिद्ध समाजसेवी उद्योग पति श्री राधेश्याम जी शर्मा गुरुजी ठंडाई द्वारा की गई ।कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि समिति के परामर्श दाता श्री अजात शत्रु पूर्व कमिश्नर थे । डी आई जी श्री धर्मेंद्र चौधरी,समिति के वरिष्ठ संचालक गण श्री ईश्वरपटेल,श्री एस एन शर्मा,श्री हरीश मोटवानी एवम उज्जैन दुग्ध संघ के सीईओ श्री सी बी सिंह थे।अतिथियों को स्वागत अध्यक्ष ओम अग्रवाल,उपाध्यक्ष सी पी हिंगड़,सचिव मुरली तोतला,कोषाध्यक्ष नोतन चेतनानी द्वारा किया गया।
4 मई को समिति कें करोहन सेवा केंद्र का शुभारंभ आदरणीय श्री 1008 स्वामी पुष्पा नंद गिरी जी शंकराचार्य मठ उज्जैन बाबा महाकाल को पूजा कर महाप्रसाद परोसगारी एवं गुरुजी का शरबत सेवा कर की गई।
5 मई को अंबोदिया एवम जैथल पड़ाव पर प्रातः 10 बजे आचार्य श्री शेखर जी द्वारा बाबा महाकाल को माल्यार्पण स्वयं के कर कमलों से परोसगारी कर की गई।
6 मई को प्रातः दस बजे स्वामी श्री रंगनाथाचार्या जी रामानुज कोट एवम अयोध्या से पधारे जगतगुरु श्री श्यामनारायणचार्य जी महाराज द्वारा जैथल एवम उंडासा पड़ाव पर बाबा महाकाल का पूजन कर स्वयं के हाथो परोसागरी कर की गई।
6 मई की शाम को श्रीमहंत बड़ा उदासीन अखाड़ा श्रीरघूमुनि जी महाराज द्वारा महाकाल बाबा की पूजा अर्चना कर स्वयं के हाथो परोसगारी कर की गई।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा यह भी देखा गया की देश में संभवतः यह सेवा है जिसमे निरंतर 6 दिनों तक कोई संस्था 50 हजार। से अधिक पंचक्रोशी यात्रियों 40 डिग्री से अधिक भीषण गर्मी में भोजन महाप्रसाद बना कर 118 किलो मीटर तक आगे पीछे चलती है और हर पड़ाव और उप पड़ाव पर निशुल्क महाप्रसाद सेवा जिसमे रोटी ,लौंजी,मोरधन का हलवा,लापसी,मेथी दाना,मीठे चावल,गुरुजी ठंडाई शरबत एवम प्याज आदि की निरंतर निर्बाध 24 घंटे परोसगारी करती है।
भीषण गर्मी में जब आप इंसान घर से बाहर निकलना भी नही चाहता है ऐसे में ये पचास हजार से अधिक हठ योगी पंचक्रोशी यात्री 40 डिग्री की भीषण गर्मी में सिर की पोटली में 6 दिनों की दिनचर्या के सामान ले यात्रा करते है।इनके चेहरे पर कोई शिकन दिखना तो छोड़ो जहा भी मंडली दिखी भक्ति में ये लोग झूमने लगते है ।जहा छाव दिखी सो जाती है ।कभी भी किसी के प्रशासन या किसी की व्यवस्था के खिलाफ एक भी शब्द नही सुना होगा ।उज्जैन में लगभग 200 समाजसेवा संस्थाएं और आप नागरिक इनकी सेवा में पलक पावड़े बिछा देते है।लोग अपने घर खोल इन्हे अंदर आ सोने छाछ आदि पीने का आग्रह करते है।यही बाबा महाकाल की नगरी उज्जयनी की मूल सेवा भावना है जिसे समिति अपनी और से नमन करती है।उक्त जानकारी उज्जयनी सेवा समिति के संयोजक घनश्याम पटेल एवम अध्यक्ष ओम अग्रवाल ने दी ।

