भाजपा की पहली सूची जारी होने के बाद से इंदौर लोकसभा क्षेत्र के टिकट को लेकर चल रहा असमंजस आखिरकार बुधवार शाम समाप्त हो गया। 11 दिनों के मंथन के बाद भाजपा ने प्रदेश की कारोबारी राजधानी इंदौर से दोबारा शंकर लालवानी को प्रत्याशी बनाया। पहली और दूसरी सूची आने के बीच इंदौर से उम्मीदवारी को लेकर तमाम कयास लगाए जाते रहे लेकिन आखिरकार टिकट लालवानी को ही मिला। इंदौर से अपनी उम्मीदवारी पर भाजपा नेता शंकर लालवानी ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय नेतृत्व, प्रदेश के नेतृत्व का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता को प्रदेश की सेवा करने का मौका दिया है। हम सब कार्यकर्ता मिलकर इंदौर में एक नया इतिहास बनाएंगे और इस बार हम पिछली बार से अधिक मतों से जीत हासिल करेंगे भाजपा की पहली सूची में लालवानी का नाम ना होने से कैलाश विजयवर्गीय ने (मंत्री) ने लालवानी की टिकट काटने की बात कही थी भाजपा की पहली सूची में लालवानी का नाम ना होने से कैलाश विजयवर्गीय ने (मंत्री) ने लालवानी की टिकट काटने की बात कही थी…हालांकि सूची की पुष्टि होने के बाद उनके चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही थी। वर्ष 2019 में भाजपा ने पहली बार लोकसभा चुनाव में शंकर लालवानी को प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने पांच लाख 47 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी। लालवानी इसके पहले इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और भाजपा के नगर अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
