
- माकड्रिल के दौरान, एमवाय अस्पताल में चेस्ट वार्ड के आक्सीजन प्लांट कई महीनों से बंद रहने के कारण आवश्यक मात्रा में आक्सीजन का उत्पादन नहीं कर सके।
- एमजीएम मेडिकल कालेज ने स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों की जांच के लिए माकड्रिल आयोजित की और आक्सीजन प्लांट का संचालन किया।
- कालेज प्रशासन ने संबंधित अस्पतालों में आवश्यक दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता की भी जांच की।
- सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, एमटीएच अस्पताल, चेस्ट वार्ड और कैंसर अस्पताल सहित जुड़े अस्पतालों में सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इंदौर। कोविड के बढ़ते मामलों के बीच एमजीएम मेडिकल कालेज ने स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों की जांच के लिए माकड्रिल आयोजित की और आक्सीजन प्लांट का संचालन किया। कालेज प्रशासन ने संबंधित अस्पतालों में आवश्यक दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता की भी जांच की।
माकड्रिल के दौरान, एमवाय अस्पताल में चेस्ट वार्ड के आक्सीजन प्लांट कई महीनों से बंद रहने के कारण आवश्यक मात्रा में आक्सीजन का उत्पादन नहीं कर सके। डीन डा. संजय दीक्षित ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, एमटीएच अस्पताल, चेस्ट वार्ड और कैंसर अस्पताल सहित जुड़े अस्पतालों में सुविधाओं का निरीक्षण किया। डा. दीक्षित ने बताया कि हमने कोविड-19 स्थिति से निपटने के लिए तैयारी अभ्यास के रूप में अपनी सुविधाओं की जांच की। हमारे प्लांट ने 98 प्रतिशत आक्सीजन उत्पादन कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी की समीक्षा
जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को कोविड-19 से निपटने के लिए समीक्षा की। इस दौरान उपलब्ध बिस्तरों की संख्या की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि हमने सभी निजी अस्पतालों से अपनी माक ड्रिल की रिपोर्ट और वहां उपलब्ध बिस्तरों की संख्या के बारे में भेजने के लिए कहा है। 48 ऑक्सीजन प्लांट में से 36 चल रहे हैं। डा. अमित मालाकार ने बताया कि हमने अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता की भी समीक्षा की और जरूरत पड़ने पर 5000 से अधिक आक्सीजन बिस्तर किसी भी समय आरक्षित करने के लिए तैयार हैं।
