
- इंदौर की नगरीय सीमा में ‘सृजन-नई दिशा’ और ‘नया गगन’ की शुरुआत।
- इंदौर में महिलाओं से संबंधित अपराध बढ़े हैं।
- पुलिसकर्मी समूह बनाकर 24 घंटे नजर रखेंगी।
- 12 से 18 वर्ष की किशोरियों को जोड़ा गया है।
इंदौर। बच्चियों के साथ बढ़ रही घटनाएं रोकने के लिए पुलिस ने नई पहल शुरू की है। अलग-अलग क्षेत्रों में ब्लैक स्पाट चिह्नित कर बच्चियों के समूह तैयार किए गए हैं। थाना, कार्यालय की पुलिसकर्मी समूह बनाकर 24 घंटे नजर रखेंगी। उनकी परेशानी दूर करेंगी, साथ ही पढ़ाई-लिखाई में भी मदद करेंगी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) प्रियंका डुडवे के अनुसार शुरुआत उन क्षेत्रों से की गई है, जहां महिलाओं से संबंधित अपराध बढ़े हैं।
अज्ञानवश बच्चियां कम उम्र में घर छोड़ देती हैं। कई बार यौन शोषण का शिकार होने पर भी घटनाएं सामने नहीं आ पाती हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने और बच्चियों को जागरूक करने के लिए सृजन-नई दिशा, नया गगन मिशन की शुरुआत की गई है। इसकी जिम्मेदारी 32 थानों की ऊर्जा डेस्क, महिला थाना व विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ महिला पुलिसकर्मियों को दी गई है।
12 से 18 वर्ष की किशोरियों के समूह बनाए
एडीसीपी के अनुसार मिशन में 12 से 18 वर्ष की किशोरियों को जोड़ा गया है। एनजीओ की मदद से बालिकाओं, महिलाओं को सशक्त, स्वावलंबी बनाने, सुरक्षा, आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से बैठकें ली जाएंगी।
आर्थिक रूप से पिछड़ी बस्तियों में बच्चियां घरेलू समस्या, आर्थिक कमजोरी के कारण पढ़ाई छोड़ देती हैं। पुलिस अधिकारी सामुदायिक पुलिसिंग के तहत उन्हें स्वावलंबी बनाने का प्रयास करेंगी। प्रत्येक थाने के पांच समूह बनेंगे : शहर की 32 ऊर्जा डेस्क को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। थाने की अन्य पुलिसकर्मी भी सहभागी होंगे। प्रत्येक थाने के कम से कम पांच समूह बनेंगे।
इंदौर की इन बस्तियों में बढ़े हैं अपराध
इंदौर के बाणगंगा, एरोड्रम, लसूड़िया, खजराना, आजादनगर, द्वारकापुरी, मल्हारगंज, रावजी बाजार, भंवरकुआं, राजेंद्रनगर, परदेशीपुरा, एमआइजी, कनाड़िया क्षेत्र में ज्यादा घटनाएं होती हैं। इन जगहों पर ब्लैक स्पाट बनाए गए हैं। इसके लिए महिला थाना टीआइ प्रीति तिवारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

