
- सड़क और फुटपाथ पर सामान रखने वाले दुकानदारों का पांच ट्रक से ज्यादा सामान जब्त। तीन थानों का बल बुलाया विवाद टालने के लिए।
- महापौर के राजवाड़ा और आसपास के क्षेत्र के दौरे के अगले ही दिन शुक्रवार को नगर निगम की टीम एक्शन में नजर आई।
- निगम ने सड़क पर ठेले लगाने वालों और सड़क और फुटपाथ पर कब्जा करने वालों के खिलाफ मुहिम चलाई।
- निगम की गाड़ियां देखते ही फुटपाथ पर व्यापार करने वाले कई फुटकर व्यापारी सामान समेट कर भाग गए।
इंदौर। महापौर के राजवाड़ा और आसपास के क्षेत्र के दौरे के अगले ही दिन शुक्रवार को नगर निगम की टीम एक्शन में नजर आई। निगम ने सड़क पर ठेले लगाने वालों और सड़क और फुटपाथ पर कब्जा करने वालों के खिलाफ मुहिम चलाई। इस दौरान करीब पांच ट्रक सामग्री जब्त की गई। कुछ स्थानों पर विवाद की स्थिति भी बनी।
हंगामा टालने के लिए निगम की टीम के साथ तीन पुलिस थानों का बल भी था। मालूम हो कि बाजारों में सड़क व फुटपाथ पर सामान रखकर व्यापार करने वालों के खिलाफ नईदुनिया ने मुहिम चलाई थी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आश्वासन दिया था कि आचार संहिता समाप्त होते ही नगर निगम कार्रवाई करेगा। इसके बाद कार्रवाई हो रही है।
कार्रवाई शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे राजवाड़ा क्षेत्र से शुरू हुई। निगम की टीम अटाला बाजार, गोपाल मंदिर, पीपली बाजार और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे। निगम की टीम को देखते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। निगम की गाड़ियां देखते ही फुटपाथ पर व्यापार करने वाले कई फुटकर व्यापारी सामान समेट कर भाग गए। कुछ जगह स्थायी दुकानों के बाहर खड़े होकर व्यापार करने वालों को भी खदेड़ा गया।
निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ अलग-अलग रास्तों से गोपाल मंदिर, खजूरी बाजार, पिपली बाजार, बर्तन बाजार, सराफा, अटाला बाजार, निहालपुरा, यशवंत रोड के रास्ते से भीतर आई। टीम ने स्थायी दुकानों के बाहर रखे सामान को भी अपने वाहन में रखना शुरू कर दिया। कई जगह व्यापारियों ने शोकेस, कपड़े, टेबल, मावा आदि दुकान के बाहर रखा हुआ था। इसे जब्त कर लिया गया।
एक दिन पहले महापौर ने किया था दौरा
एक दिन पहले ही गुरुवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने राजवाड़ा और आसपास के मुख्य बाजारों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने सड़क और फुटपाथ पर कब्जा करने वालों से अतिक्रमण हटाने की अपील की थी। महापौर ने दुकानदारों को समझाइश दी थी कि वे खुद ही कब्जे हटा लें, शुक्रवार से निगम सख्त कार्रवाई करेगा।
स्थायी दुकानदारों ने महापौर से शिकायत की थी कि फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों ने निगमकर्मियों से साठगांठ कर ली है। वे उन्हें कार्रवाई के पहले ही सूचना दे देते हैं। इस पर महापौर ने कहा था कि किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कुछ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात भी कही थी।
पहले ही सूचना दे दी थी
निगम की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि निगम के कुछ कर्मचारियों ने सड़क और फुटपाथ पर कपड़ा बिछाकर और ठेले पर व्यापार करने वालों को शुक्रवार सुबह जानकारी दे दी थी कि दोपहर बाद नगर निगम की कार्रवाई होने वाली है। इंदौर रिटेल गारमेंट्स व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि हम निगम की कार्रवाई का स्वागत करते हैं लेकिन यह कार्रवाई औपचारिक बनकर नहीं रह जाए इसके लिए जरूरी है कि इसे नियमित चलाया जाए। निगम के कुछ कर्मचारी सड़क पर कब्जाकर व्यापार करने वालों से अवैध वसूली भी करते हैं। ऐसे कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो।
हेमिल्टन रोड पर बनी विवाद की स्थिति
हेमिल्टन रोड पर विवाद की स्थिति भी बनी। यहां खाने-पीने की दुकानों के बाहर दुकानदारों ने कच्चा शेड डालकर फुटपाथ पर कब्जा किया था। टेबलें लगा रखीं थीं। निगम की टीम ने एक दुकान के बाहर लगे शेड को तो हटा दिया, लेकिन दूसरे को चेतावनी देकर छोड़ दिया। इस पर विरोध शुरू हो गया। आखिर निगमकर्मियों को दूसरा शेड भी हटाना पड़ा।
यातायात भी बाधित हुआ
कार्रवाई के चलते क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जब्ती से बचने के लिए व्यापारी सामान समेटकर इधर-उधर दौड़ने लगे। नगर निगम की टीम ने सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़े कुछ ठेले भी जब्त किए हैं। कार्रवाई की वजह से क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। लोग खजूरी बाजार की तरफ से निकलने लगे। इसके चलते एमजी रोड पर जाम की स्थिति बन गई। हालांकि कुछ ही देर में स्थिति नियंत्रित कर ली गई थी।

