
- पीड़िता जिस स्कूल में पढ़ती थी, आरोपित भी उसी स्कूल के एडमिन विभाग में काम करता था।
- दुष्कर्मी स्कूल के आफिस से पीड़िता का मोबाइल नंबर लेकर उसे फोन करता था। उसे ऐसा करने से रोका तो वह घर तक पहुंच गया।
- 18 मार्च 2019 को घर जाकर अश्लील हरकत की, फिर 6 जून को दोबारा गया, तब छात्रा को अकेला पाकर उसने दुष्कर्म किया।
- बाद में पीड़िता को अश्लील वीडियो भी भेजे। परेशान पीड़िता ने घरवालों को घटना बताई इसके बाद थाने में रिपोर्ट लिखाई।
12वीं की छात्रा से दुष्कर्म करने वाले दुष्कर्मी को विशेष न्यायालय ने दस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने जिला विधिक प्राधिकरण के माध्यम से पीड़िता को 50 हजार रुपये प्रतिकर राशि के रूप में दिलाए जाने की अनुशंसा की है।
दुष्कर्मी का नाम राजेश भालसे निवासी इंदौर है। वह एक स्कूल के एडमिन विभाग में काम करता था। पीड़िता इसी स्कूल की कक्षा 12वीं की छात्रा थी। दुष्कर्मी स्कूल के आफिस से पीड़िता का मोबाइल नंबर लेकर उसे फोन करता था। पीड़िता ने उसे ऐसा करने से रोका तो 18 मार्च 2019 को वह पीड़िता के घर पहुंच गया। उस वक्त पीड़िता घर पर अकेली थी। उसे अकेला पाकर आरोपित ने अश्लील हरकत की। इसके बाद वह 6 जून 2019 को दोबारा पीड़िता के घर आया। उस वक्त भी पीड़िता घर पर अकेली थी। आरोपित ने पीड़िता के साथ गलत काम किया। उसने पीड़िता केफोन पर अश्लील वीडियो भी भेजे।
पीड़िता ने घरवालों को घटना बताई तो थाने पहुंचे
पीड़िता ने यह बात स्वजन को बताई जिसके बाद मामला पुलिस थाने पहुंचा। विशेष न्यायाधीश रश्मि वाल्टर ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए दुष्कर्मी राजेश भालसे को धारा 376(1) के तहत दस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दुष्कर्मी पर तीन हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रीति अग्रवाल ने पैरवी की।
