
इंदौर। हर बार की तरह चुनावी आचार संहिता लगते ही हथियारों के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए जाते हैं। जिले में 12 हजार 360 हथियारों के लाइसेंस प्रशासन ने दे रखे हैं। अब ये सभी लाइसेंसी हथियार संबंधित थानों में जमा कराए जा रहे हैं। हालांकि बैंक के सुरक्षा गार्ड, ड्यूटी देने वाले अधिकारियों से लेकर छूट के दायरे में आने वालों को ही इसमें राहत दी जाएगी, जिसके लिए कलेक्टर ने जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन भी कर दिया है।
सभी शस्त्र लाइसेंस भी निलंबित करने और थानों में हथियारों को जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कराई जाती है। इसका भी उद्देश्य यह है कि राजनीतिक दल या उससे जुड़े लोग इन हथियारों से डराए-धमकाए नहीं और इनका दुरुपयोग भी ना हो। अभी इंदौर जिले में भी सभी थाना क्षेत्रों की सीमाओं में रहने वाले सभी शस्त्र लाइसेंसधारकों से कहा गया है कि वे अपने हथियार थानों में जमा कर दें और छूट प्रदान करने के लिए जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. इलैयाराजा टी, पुलिस उपायुक्त आसूचना एवं सुरक्षा नगरीय, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी इंदौर एवं झोन क्रमांक 1 से 4 तक के सभी सहायक पुलिस उपायुक्त रहेंगे।
यह कमेटी भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एवं बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के परिपालन में गठित की गई हैं। जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी समय-समय पर इंदौर जिले में शस्त्र अनुज्ञप्तिधारकों के शस्त्र जमा करने के संबंध में समीक्षा करेंगी तथा शस्त्र जाम करने के संबंध में राज्य शासन व निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अध्यधीन छूट प्रदाय करने हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्रों के संबंध में समुचित निर्देश प्रदान करेगी। वहीं ड्यूटी पर तैनात रहने वाले कई अधिकारियों और कर्मचारियों को भी शस्त्र की जरूरत पड़ती है, लिहाजा उन्हें छूट दी जाएगी, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में लगे गार्ड, खासकर बैंकों में जो सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इसके अलावा बैंकों और एटीएम में करंसी यानी नोट लाने-ले जाने के लिए भी वाहनों का इस्तेमाल होता है, उनके साथ भी बंदूकधारी गार्ड चलते हैं, उन्हें भी इससे छूट दी जाएगी। एडीएम कार्यालय के मुताबिक इंदौर जिले में वर्तमान में 12360 लाइसेंसी हथियार हैं और छूट के लिए स्क्रीनिंग कमेटी निर्णय लेगी।
