
- अस्पताल के गेट पर बैठे परिजन। मां और दादी बच्चे के शव से लिपटकर रोते रहे। कक्ष से सभी डाक्टर-नर्स गायब।
- आरोप- स्वस्थ था बच्चा, नर्स ने लगाए गलत इंजेक्शन से हुई मौत
- परिजन का आरोप- बच्चा स्वस्थ था, नर्स ने 15 मिनट में तीन इंजेक्शन लगा दिए, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिसकर्मी परिजन को समझाते रहे, लेकिन वे डाक्टरों को बुलवाने के लिए अड़े रहे। अस्पताल के गेट पर बैठे।
अस्पताल के डाक्टर का कहना- बच्चे के उल्टी-दस्त बंद नहीं हो रहे थे। डाक्टरों की टीम ने बचाने का पूरा प्रयास किया।
ग्यारह साल बाद मन्नतों के बाद हुए इकलौते बेटे की शुक्रवार को इंदौर के चाचा नेहरू अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मां रानी और दादी राजकुमारी शव से लिपटकर रोते रही, तो पिता बाहर गलियारे में बैठकर बेटे की याद में बिलखते रहा। आसपास खड़े स्वजन उन्हें संभालते रहे, लेकिन उनके चेहरे पर डाक्टरों के खिलाफ गुस्सा साफ नजर आ रहा था। स्वजन का आरोप है कि हमारा बच्चा स्वस्थ था, नर्स ने 15 मिनट में उसे तीन इंजेक्शन लगा दिए, जिससे उसकी मौत हो गई।
