
इंदौर। शहर के हजारों कार्यकर्ताओं की तरह मैं भी कैलाश जी विजयवर्गीय का फैन और प्रशंसक हूं पर हो सकता है कि ये पोस्ट डालने के बाद वो मुझसे नाराज़ हो जाए और ये भी संभव है कि मुझसे बात करना ही बंद कर दें पर उनकी नाराजगी का जोखिम लेते हुए भी मैं ये पोस्ट कर रहा हूं क्योंकि ये बात ही कुछ ऐसी है।
कैलाश जी ने बिना किसी को बताए, बिना किसी से चर्चा किए दो दिन पहले एक ऐसा काम किया जिसने ये बता दिया कि भाजपा के कार्यकर्ता क्यों उन्हें पसंद करते है और क्यों उनके दीवाने है ? किसी लडके के सिर से असमय पिता का साया हट जाए तो बेटे और पूरे परिवार की क्या हालत होती है ये बात किसी से छुपी नहीं है.
भाजपा के एक प्रदेश के नेता के गुजर जाने के बाद उनका परिवार इसी स्थिति से गुजर रहा था. साल भर से फ्लेट की किश्त बाकी थी और फ्लेट छीन जाने का खतरा मंडरा रहा था। कैलाश जी ने घर के मुखिया की तरह आगे आ कर बिना किसी शोर शराबे के बिना किसी प्रचार के उस परिवार की चिंता हर ली।
दो दिन पहले भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता स्वर्गीय उमेश जी शर्मा के बेटे को भाई साहब ने बहुत ही विनम्रता से 25 लाख रुपए का चेक अपने छोटे बेटे कल्पेश विजयवर्गीय के हाथ भिजवा दिया। और वीनू से ये भी कहा कि बेटा उमेश भले चला गया पर उसका बड़ा भाई अभी जिंदा है तुम चिंता मत करना। इससे बड़ी बात ये है कि कैलाश जी ने या उनके किसी नजदीकी व्यक्ति ने किसी से इस बात का जिक्र भी नहीं किया इतना ही नहीं उन्होंने उमेश भैय्या के बेटे वीनू को भी किसी से भी इसकी चर्चा नहीं करने को कहा।
कल रात उमेश भैय्या के बेटे ने मुझे ये बात बताई तो मैं अपने आप को रोक नहीं सका। उमेश भैय्या को गए हुए एक साल से कुछ ज्यादा समय हो गया। इस एक साल में भी कई बार कैलाश जी ने वीनू और भाभी की मदद की। हर महीने प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से वो हर कदम पर परिवार को संबल देते रहे।
कैलाश जी अपने मित्र, साथी,सहयोगी, अनुयायी, प्रशंसकों और कार्यकर्ताओं का घर के मुखिया की तरह ध्यान रखते है। काकीजी के संस्कारों को जी रहे कैलाश जी भाईसाहब का ये भाव, उनका ये बड़प्पन उनकी ये सोच, उनकी ये उदारता उनको कार्यकर्ताओं के दिल में बैठा देती है।उसके मन में ये विश्वास जगा देती है कि कैलाश जी भाईसाहब के रूप में सुख दुख में उनका ध्यान रखने वाला, उनका ख्याल रखने वाला और उनके पीठ पीछे उनके परिवार की चिंता रखने वाला कोई है। कैलाश जी भाईसाहब की उपस्थिति कार्यकर्ताओं में विश्वास जगाती है, उम्मीद का दिया जलाती है और निराशा का अंधेरा भगाती है।
कैलाश जी इस अपनेपन के लिए मैं आपका आभारी हूं, और आभार भी छोटा सा शब्द है सच पूछिए तो भाजपा के हर कार्यकर्ता की तरफ से कृतज्ञ हूं।

