
विधेयक में सीईसी और ईसी को कैबिनेट सचिव के बराबर दर्जा दिए जाने का प्रावधान है। ऐसा किए जाने पर हालांकि इनके वेतन और सुविधाओं में कोई कमी नहीं होगी, मगर ये जज के अनुरूप नहीं बल्कि नौकरशाह माने जाएंगे।
सोमवार से शुरू हुए संसद के विशेष सत्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और निर्वाचन आयुक्त (ईसी) की नियुक्ति संबंधी विधेयक पेश किए जाने पर संशय है। दरअसल विपक्ष के विरोध के बाद सरकार ने इस विधेयक पर पुनर्विचार करना शुरू किया है। सरकार सीईसी और ईसी को पहले की तरह सुप्रीम कोर्ट के जज के बराबर दर्जा दिए जाने संबंधी प्रावधान तय करने के लिए विधेयक में संशोधन पर विचार कर रही है।
