
इंदौर के बाणगंगा में इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री में काम करने वाले एक कर्मचारी की मशीन की चपेट में आने से मौत हो गई। शाम को सूचना के बाद यहां दलित समाज के लोग पहुंचे। उन्होंने फैक्ट्री मालिक पर केस दर्ज करने की मांग की। मामले में पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई के आश्वासन पर दलित समाज के लोग रवाना हुए।
बाणगंगा पुलिस के मुताबिक इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित प्लास्टिक फैक्ट्री हुड्डा इंडस्ट्रीज लिमिटेड में काम करने के दौरान 22 वर्षीय नीरज पुत्र बलराम धाकड़ की मशीन में की चपेट में आने से मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक काम के दौरान उसका सर मशीन में आ गया। नीरज को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया। यहां उसकी मौत की पुष्टि होने पर परिवार के लोग सीधे असपताल पहुंचे।
सोमवार रात दलित समाज के लोगों ने थाना घेरा
परिवार ने शाम को शव लेने से इंकार कर दिया। रात में नीरज की मौत की सूचना के बाद लगभग 9 बजे बलाई समाज के लोगों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। उनकी ओर से दलित समाज के राष्ट्रीय नेता मनोज परमार ने फैक्ट्री संचालक तारीक अंसारी पर प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों ने कहा कि मामला हत्या का नहीं है। इस पर परमार ने कहा कि जिस मशीन पर काम के लिये नीरज को बैठाया गया। उस पर चार माह की ट्रेनिंग की जरूरत है। यहां बिना ट्रेनिंग के नीरज से काम करवाया गया। इतना ही नहीं कंपनी में पीएफ या अन्य दुर्घटना बीमा राशि की व्यवस्था भी नहीं की गई। पुलिस ने जांच कर केस दर्ज करने की बात की। देर रात करीब 12 बजे मनोज परमार बिना केस दर्ज कराए थाने से वापस आ गए।
माता-पिता का इकलौता बेटा
नीरज अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो छोटी बहनें हैं। परिवार मूल रूप से गुना का रहने वाला है। दलित समाज के नेता परमार ने बताया कि पहले पोस्टमार्टम के बाद हमने शव को लेने से इंकार कर दिया था। लेकिन रात में पुलिस के केस दर्ज नहीं करने के बाद आर्थिक व्यवस्था कर नीरज के शव को परिवार के साथ गुना भेजा। मनोज परमार के मुताबिक वह बुधवार को इस मामले में कमिश्नर आफिस पर प्रदर्शन भी करेंगे।

