
शहर के पुराने हिस्सों से लेकर नई कालोनियों तक में सुबह से लेकर रात तक बार-बार बिजली गुल हुई। 1912 पर फोन लगाने के लिए लोग परेशान होते रहे।
भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली के तारों पर पेड़ गिर पड़े। इन्हें हटाने के काम में बिजली कंपनी के कर्मचारी शनिवार को दिनभर जुटे रहे।
इंदौर में भारी बारिश के दौरान शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक तमाम हिस्सों में गुल होती रही बिजली लोगों के लिए परेशानी बनी। शहर में करीब 50 फीडरों पर इस दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हुई। शहर के पुराने हिस्सों से लेकर नई कालोनियों तक में सुबह से लेकर रात तक बार-बार बिजली गुल हुई। ज्यादातर हिस्सों में तीन से पांच घंटे तक बिजली गुल रही। इस दौरान बिजली कंपनी का कॉल सेंटर नंबर भी ठप रहा। 1912 पर फोन लगाने के लिए लोग परेशान होते रहे।
बिजली कंपनी के रिकार्ड के अनुसार, कॉल सेंटर पर 1700 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई। हालांकि, असल संख्या इससे कहीं ज्यादा थी। कॉल सेंटर पर फोन नहीं लगने से ज्यादातर शिकायतें दर्ज नहीं हुई। भंवरकुआं, खंडवा रोड, जूनी इंदौर क्षेत्र मेें सुबह 9 बजे बाद से गुल हुई बिजली आपूर्ति दोपहर तीन बजे बाद जैसे-तैसे सामान्य हुई। बिजली कंपनी के इंजीनियर फाल्ट ढूंढने में सफल नहीं हुए।
चलती रही बिजली की आंख-मिचौनी
सूत्रों के अनुसार, एचटी प्रभाव वाले इंजीनियरों ने अपने ही अधिकारियों के फोन उठाना बंद कर दिए। मंत्री के रिश्तेदार बताए जा रहे इस इंजीनियर के रौब के कारण अन्य कर्मचारियों को एचटी का काम करने के लिए तैनात करना पड़ा। नतीजा सुधार में खासी देरी हुई। नंदानगर, सुखलिया, एयरपोर्ट क्षेत्र, सिरपुर क्षेत्र में शनिवार रात तक भी बिजली की आंख-मिचौनी चलती रही। राजवाड़ा क्षेत्र में भी तीन घंटे से ज्यादा देर आपूर्ति बाधित रही।
बिजली गुल होने के ये कारण रहे
बिजली कंपनी के अनुसार, चौबीस घंटे के दौरान शहर में अत्यधिक बारिश, मौसम बिगड़ने से इंदौर शहर वृत्त के 525 में से 11 केवी के 46 फीडरों पर अलग-अलग समय में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। 19 जगह लाइनों पर पेड़, बड़ी शाखाएं गिरने की आपूर्ति में अवरोध की स्थिति निर्मित हुई। आठ स्थानों पर तार, केबल टूटे। सुधार के लिए 450 कर्मचारी, अधिकारी कार्य पर लगे। सुभाष चौक जोन के तहत कबूतरखाना और नार्थ तोड़ा क्षेत्र में अत्यधिक जल जमाव होने पर सुरक्षा कारणों से तीन ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति बंद की गई है। स्थिति सामान्य होते ही उपरोक्त क्षेत्रों की भी आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
