
इंदौर। संभागायुक्त मालसिंह ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की संभागीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आमजन को पानी परेशानी नहीं होनी चाहिए। निर्बाध जल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। प्रगतिरत, अधुरी, बंद पड़ी व नवीन योजनाओं को तीव्र गति दे।
संभागायुक्त ने इंदौर सहित संभाग के सभी जिलों में संचालित जल परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा के दौरान हर छोटे-मोटे कार्य से लेकर निर्माण, पानी पहुंचाने की व्यवस्था, ग्रामीणों को सुलभ जल जैसी कई जानकारियां अधिकारियों से ली। बैठक में बताया गया कि सभी जिलों में परियोजनाओं के जो कार्य बचें हैं उन्हें दिसम्बर से मार्च माह तक पूरे कर लिये जायेंगे। डीपीआर बनाने में विलंब ना करें, तालमेल से कार्य करें। शासन स्तर पर कोई कार्य बाकी हो तो उसे मुख्यालय को अवगत करायें। उन्होंने कार्यपालन यंत्रियों और जल विकास निगम के जिला प्रबंधकों को जिला कलेक्टरों के संपर्क में रहकर उनके निर्देशानुसार कार्य करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि अगर एक दिन हमारे घर में पानी नहीं आता है तो हमे कितनी परेशानी होती है, अब समझो जहां 15-15 दिन तक पानी नहीं मिल रहा है वहां क्या स्थिति होगी? हमे ऐसे क्षेत्रों के लोगों की परेशानी समझाना होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा आयोजित बैठक में जिला पंचायत के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा जिले के संबंधित विभाग के कार्यपालन यंत्री उपस्थित थे।
बैठक में उन्होंने संभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि महिला स्व सहायता समूहों को सशक्त बनाया जाये। इन समूहों के माध्यम से पंचायतें व विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में जलकर की वसूली करवायें। बकाया राशि वसूलने में कई महिला संगठन अग्रणी है। समूहों को उपार्जन का काम देना भी प्राथमिकता से करें। लाड़ली बहना और लाड़ली सेना इसके लिये सबसे बेहतर विकल्प हो सकते है। इनको जिम्मेदारी देना ठीक है। इनके द्वारा वसूली से किसी को परेशानी भी नहीं होगी।
आलीराजपुर जिले के कार्यपालन यंत्री एस.आर. मेढ़ा द्वारा परियोजना की आधी-अधूरी जानकारी देने व ज़िले में कुछ महत्वपूर्ण जल प्रदाय योजनाओं के बंद मिलने पर उनकी लापरवाही पाई गई। उन्हें नोटिस जारी कर कार्यवाही की।
सीएम हेल्पलाइन, विभागीय जांच और पेंशन प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश भी बैठक में दिये गये।
