जीविका सरंक्षण अधिकार का इन दिनों निगम जमकर मखौल उड़ा रहा है,, बुधवार को वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने स्थानियों बाजारों में ठेले, रेहड़ी वालों पर की जा रही कारवाइयों पर सवाल उठाए हैं,,,
एइव्होकेट पी.के. द्विवेदी ने बताया कि तात्कालीन मनमोहन सरकार ने जीविका संरक्षण नियम 2013 बनाए थे. यह कानून फुटपाथ पर व्यापार करने वाले व्यापारियों, हाथ थैले, साईकल से फेरी वाले, मेले, हांट बाजार, साप्ताहिक हांट आदि व्यापार करने वालों के लिए है ,,, जिसका स्थानीयों निकायों को पालन करना चाहिए,, लेकिन निगम और प्रशासन इन गरीब व्यापारियों का माल जब्त कर रहा है,, जुर्माना लगा रहा है,, जबकि बड़े बाजारों में व्यापारियों ने बड़े बड़े कब्जे किए हैं,, दुकानों के सामने वाहन लगवा कर जाम लगवाते है उन्हें नज़रअंदाज कर दिया जाता है,, छोड़ दिया जाता है,, जो की पक्षपात पूर्ण रवैया है,,
