31 जुलाई को तड़के जीएमसी में डॉ. बाला सरस्वती की आत्महत्या के मामले में पूरे प्रदेश में विरोध और प्रदर्शन का दौर जारी है। बाला सरस्वती आत्महत्या के मामले के बाद इन्दौर में एमवाय हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टर्स ने भी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए प्रदर्शन क़िया।
जुड़ा ने भोपाल के गांधी मेडीकल कालेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और इसकी पूर्व विभाग प्रमुख डॉ. अरुणा कुमार के खिलाफ विस्तृत जांच की मांग की है। इसके अलावा सरस्वती की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को उनके खिलाफ जांच जारी रहने तक निलंबित करने की मांग की है। जुड़ा डॉक्टर्स ने बताया वर्तमान में वर्क कल्चर के कारण इस तरह की स्थितियां बन रही है। जेडीए के प्रेसिडेंट ने कहा डॉ बाला सरस्वती प्रेग्नेंट थी उन्होंने अपने साथ अपने बच्चे की जान भी खत्म कर ली इसका मतलब कोई बड़ी बात थी जिसके कारण इतना बड़ा कदम उठाया।
