
नोटिस देने के 24 घंटे में सुना दी सजा, एमडी के कक्ष में अनधिकृत प्रवेश पर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्यालय में सोमवार को सामने आए टोटका कांड में सजा भी सुना दी गई। मंगलवार शाम अधीक्षण यंत्री गजेंद्र कुमार का तबादला करते हुए पदावनत भी कर दिया गया। कुमार को कार्यपालन यंत्री बनाकर आगर भेज दिया गया है। एक दिन पहले पोलोग्राउंड स्थित कंपनी के एमडी अमित तोमर के चेंबर व टेबल पर भभूत और पूजन सामग्री मिली थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुमार को मुख्य महाप्रबंधक ने एमडी के कक्ष में अनधिकृत प्रवेश के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
कुमार को दिए नोटिस में टोने-टोटके की बात तो नहीं लिखी गई थी, लेकिन इंजीनियर से पूछा था कि एमडी के कक्ष में अनधिकृत प्रवेश के पीछे आपकी मंशा क्या थी? वहां अत्याश्यक दस्तावेज-फाइलें रखी होती हैं, ऐसे में आपका कृत्य अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। नोटिस में तुरंत जवाब देने का निर्देश था। मंगलवार को कुमार बिजली कंपनी के मुख्यालय पहुंचे। शाम तक वे सीजीएम रिंकेश वैश्य के दफ्तर में बैठे रहे। इसके बाद करीब 6 बजे उन्हें तबादला का आदेश थमा दिया गया।
मुझ पर मनमानी कार्रवाई की गई
तबादला आदेश मिलने के बाद कुमार ने इसे अन्यायपूर्ण और गलत कार्रवाई बताया। कुमार ने कहा कि न तो मुझसे जवाब लिया गया, न पक्ष सुना गया। यहां तक कि मुझे सीसीटीवी फुटेज भी नहीं दिखाए गए, जिसके आधार पर तमाम आरोप लगाये जा रहे हैं। मनमानी कार्रवाई करते हुए तबादला और पदावनत किया गया है।
पद की लड़ाई
ताजा टोटका कांड को बिजली कंपनी में बीते समय से जारी पद की लड़ाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, वरिष्ठता सूची में ऊपर आने वाले कुमार अधीक्षण यंत्री पद के दावेदार थे। डेढ़ महीने पहले कंपनी ने उन्हें करंट चार्ज पर पद तो दे दिया, लेकिन फील्ड की पोस्टिंग नहीं दी। इस बीच उन्हें रिलीव भी एकतरफा कर दिया गया था। कुमार प्रदेश की एक मंत्री के करीबी माने जाते हैं, उन्होंने कंपनी के अधिकारियों को कुमार को शहर का पद देने के लिए सिफारिश भी की। कुमार की सिफारिशों से अधिकारी असहज थे। टोटका कांड को इसी से जोड़ा गया था।

