
- छात्रों का भविष्य बर्बाद करने की धमकी दे रहा था, एसीपी ने लसूड़िया थाने में दर्ज करवाई एफआइआर।
पुलिस वालों ने अवैध वसूली के लिए ‘प्राइवेट आदमी’ रख लिए। यह खुलासा एसीपी की जांच रिपोर्ट में हुआ है। आरोपित ठप्पे से थाने में ही बैठता था। अधिकारियों की तरह थर्ड डिग्री देकर रुपये वसूलता था। एसीपी ने उसकी कॉल डिटेल और आने-जाने के सीसीटीवी फुटेज भी निकाले हैं।
लसूड़िया थाना पुलिस ने बुधवार रात अजय राकेश कुमार शर्मा निवासी दाव दावर अली छितरी शिवपुरी के खिलाफ केस दर्ज किया। अजय खुद को विजय नगर थाने का आरक्षक बताता था। उसने तीन छात्रों से दस हजार रुपये वसूले थे। शिकायत करने पर उन्हें धमका रहा था। मामले की शिकायत जोन-2 के डीसीपी अभिषेक आनंद के पास पहुंची तो परदेशीपुरा एसीपी भूपेंद्रसिंह को जांच सौंपी गई।
लसूड़िया थाने के सौंपी रिपोर्ट
एसीपी ने थाने के सीसीटीवी फुटेज निकाले तो अजय थाने में बैठा नजर आया। वह पुलिसवालों से बात भी कर रहा था। परिचित होने के कारण संतरी भी उसे नहीं रोकता था। एसीपी ने रिपोर्ट बनाई और लसूड़िया थाने में केस दर्ज करवा दिया। हालांकि, एफआइआर में अजय से मिले पुलिस वालों के नाम दबा लिए। उसकी गाड़ी पर भी पुलिस लिखा पाया गया।
छात्रों को फंसाने की धमकी देकर वसूले रुपये
विजय नगर थाने के जवानों ने 15 जून को हरेंद्र, प्रियान और अतुल को लूडो खेलते हुए हिरासत में लिया था। एसआइ संजय धुर्वे और मुकेश लोधी ने छोड़ने के बदले 10 हजार रुपये ले लिए। डीसीपी ने मामले में जांच बैठा दी। अजय छात्रों के स्कूल, कालेज और कोचिंग क्लास पहुंचा और जानकारी निकालने लगा। छात्रों ने उससे बात की तो कहा कि तुमने पुलिस के खिलाफ आवाज उठाई है। तुम्हारा भविष्य बर्बाद हो जाएगा। एक छात्र नीट की तैयारी कर रहा है। अजय ने उससे कहा कि तेरा तो सत्यापन भी नहीं हो पाएगा। छात्रों ने इस मामले में भी डीसीपी को आवेदन भेजा। एसीपी ने अजय की जानकारी जुटाई तो पता चला कि उसे अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। लंबे समय से थाने आ रहा है। पुलिस वालों की तरह पूछताछ भी करता है।

