
बिजली कनेक्शन काटने और बिजली बिल अपडेट करने का झांसा देकर ठग कर रहे वारदात।
बिजली कनेक्शन काटने और बिल अपडेट करने का एसएमएस भेजकर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार शिकार कालेज के प्रोफेसर और प्राचार्य बने हैं। ठगों ने पहले बिल अपडेट नहीं करने पर कनेक्शन काटने का एसएमएस भेजा। फोन करने पर मोबाइल एक एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया। इसके बाद मोबाइल पर नियंत्रण हासिल किया और खाते से बमुश्किल एक मिनट में 30 हजार रुपये निकाल लिए।
आरपीएल माहेश्वरी कालेज के प्राचार्य डा.राजीव कुमार झालानी और प्रोफेसर प्रशांत पटेल ने ठगी की शिकायत साइबर क्राइम थाने को की है। पटेल ने बताया कि प्राचार्य के खाते से आनलाइन भुगतान व्यवस्था बंद होने पर 19 जून को उन्होंने प्राचार्य डा.झालानी के बिल का भुगतान अपने पेटीएम से किया था। 6 जुलाई को प्राचार्य के पास एसएमएस आया कि बिल भुगतान नहीं किया है। इस पर प्राचार्य ने मुझे संदेश भेजा। मैंने एसएमएस में दिए नंबर पर बात की तो सामने वाले व्यक्ति ने बिल अपडेट करने को कहा।
एप डाउनलोड करवाकर निकाले रुपये
व्यक्ति ने गूगल प्ले स्टोर से मोबाइल में रस्टडेस्क एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा। एप्लीकेशन डाउनलोड करने के बाद संबंधित व्यक्ति ने कहा कि डेबिट कार्ड से 10 रुपये का भुगतान कर दो। जैसे ही 10 रुपये का भुगतान किया, एक के बाद एक खाते से करीब 30 हजार रुपये कट गए। इसके बाद प्रोफेसर को समझ आया कि उनके साथ साइबर ठगी हो गई है। मामले में बैंक में शिकायत करने के बाद पुलिस को भी शिकायत की गई।
एप्लीकेशन के जरिए मोबाइल पर कंट्रोल
बिजली कंपनी ने सालभर से छपे हुए बिलों का वितरण बंद कर दिया है। इसके बाद बिल मोबाइल पर एसएमएस के जरिए भेजे जा रहे हैं। ठग इसी का लाभ उठा रहे हैं। एनीडेस्क और इसी तरह की एप्लीकेशन जो दरअसल दूर बैठ कर किसी उपकरण को नियंत्रण में लेकर संचालित करने के लिए होती है, उसके जरिए वे ठगी को अंजाम दे रहे हैं। बिजली कंपनी मामले में एडवायजरी जारी कर खानापूर्ति कर रही है। वहीं, कनेक्शन कटने के डर से लोग ठगों के जाल में लगातार फंस रहे हैं।
