
अमेरिका की सीक्रेट फाइलें घर ले जाने के मामले में डोनाल्ड ट्रम्प की आज फ्लोरिडा राज्य की मियामी कोर्ट में सुनवाई होगी। इसके लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति वहां पहुंच चुके हैं। पिछले हफ्ते उनके खिलाफ 49 पन्नों में आरोप तय किए गए थे। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना, परमाणु और डिफेंस सीक्रेट्स की फाइलें गलत तरीके से अपने पास रखने जैसे आरोप शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक आरोप साबित करने के लिए स्पेशल काउंसिल जैक स्मिथ ट्रम्प के ही दिए बयानों का इस्तेमाल करने वाले हैं। ट्रम्प ने खुद अमेरिका के दुश्मन देश पर हमला करने के प्लान को एक लेखक और 2 स्टाफ मेंबर्स को बताया था। वहीं, सुनवाई से पहले ट्रम्प ने जॉर्जिया में अपने समर्थकों से कहा कि सरकार उन्हें साजिश के तहत फंसा रही है। उन पर ये केस अगले साल होने वाले चुनाव से प्रेरित होकर किया जा रहा है।

ट्रम्प ने सब कुछ जानते हुए गलती की
BBC के मुताबिक, ट्रम्प की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें वो अमेरिका के डिफेंस से जुड़ी जानकारी लोगों को देने के बाद कहते हैं- मुझे राष्ट्रपति रहते हुए ही इन फाइलों को क्लासिफाइड की श्रेणी से हटा देना चाहिए था, लेकिन अब मैं ऐसा नहीं कर सकता। स्पेशल काउंसिल अब उनकी इसी रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल ये साबित करने में करेंगे की ट्रम्प सब कुछ जानते थे इसके बावजूद उन्होंने खुफिया जानकारी साझा की।
इसी तरह सितंबर 2021 में इसी क्लब में ट्रम्प ने बिना सिक्योरिटी क्लियरेंस के मिलिट्री ऑपरेशन से जुड़ा एक सीक्रेट मैप भी साझा किया था। उन्होंने जिस व्यक्ति को ये मैप दिखाया था उससे कहा था कि ये बहुत ही खुफिया जानकारी है और नियमों के मुताबिक उन्हें ये नहीं दिखाना चाहिए।

ट्रम्प अपना बचाव कैसे करेंगे…
ट्रम्प के वकील उनके बचाव में 3 दलीलें पेश कर सकते हैं।
1) ट्रम्प को वो खुफिया फाइलें अपने पास रखने का अधिकार था। व्हाइट हाउस छोड़ने से पहले उन्होंने सभी को डि-क्लासिफाई कर दिया था।
2) वो स्पेशल काउंसिल पर राजनीति से प्रेरित होने के आरोप लगाएंगे और ये साबित करने की कोशिश करेंगे की ट्रम्प आरोपी नहीं बल्कि विक्टिम हैं।
3) जिन खुफिया फाइलों से ट्रम्प पर आरोप साबित होने का सबसे ज्यादा खतरा है उन्हें वो अपनी दलीलों के दम पर ट्रायल से बाहर करने की कोशिश करेंगे।
ट्रम्प ने बाथरूम में छुपाए थे डॉक्यूमेंट्स
BBC के मुताबिक, 49 पेज के आरोप पत्र में बताया गया है कि ट्रम्प ने ये डॉक्यूमेंट्स अपने बाथरूम, बॉलरूम, शावर की जगह पर, ऑफिस, स्टोर रूम और बेडरूम में छिपाए थे। प्रॉसिक्यूटर्स ने ये भी कहा कि FBI की जांच में बाधा डालने के लिए ट्रम्प ने अपने वकीलों को फाइलें छिपाने या नष्ट करने का आदेश दिया था।
ट्रम्प के पास थीं 21 टॉप सीक्रेट और 9 सीक्रेट फाइल्स
CNN के मुताबिक, आरोप पत्र में बताया गया है कि पिछले साल FBI ने ट्रम्प के पास से 337 सरकारी डॉक्यूमेंट्स बरामद किए थे। इनमें से 21 डॉक्यूमेंट्स पर टॉप सीक्रेट लिखा हुआ था। ये वो दस्तावेज होते हैं जिसमें सबसे संवेदनशील जानकारी रखी जाती है। सिर्फ सीमित लोगों की ही पहुंच होती है। इसमें गुप्त सोर्स से मिली जानकारी को सुरक्षित रखा जाता है।
इसके अलावा, 9 डॉक्यूमेंट्स पर सीक्रेट लिखा हुआ था। ये वो फाइल्स होती हैं, जिसके लीक होने पर राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पहुंचने की आशंका रहती है।

