
इंदौर की भंवरकुआं थाना पुलिस ने ऐसे ठगों को पकड़ा है, जो ई-कामर्स कंपनियों को लाखों रुपयों की चपत लगा रहे थे। गिरोह की मास्टर माइंड प्रथम वर्ष की छात्रा है। वह ब्वायफ्रेंड के साथ मिलकर ठगी कर रही थी। पुलिस ने लैपटाप, आई फोन, महंगे कपड़े बरामद किए हैं। डीसीपी जोन-4 आरके सिंह के मुताबिक डिलीवरी ब्वाय विक्की जरौदिया ने शिकायत दर्ज करवाई थी।
पुलिस ने शनिवार दोपहर आरोपित प्रशांत पुत्र चंद्रिका प्रसाद निवासी रामनगर सतना, हर्ष पुत्र पुष्पेंद्र सिंह निवासी रामगनर सतना और मानसी मिश्रा निवासी सतना को गिरफ्तार किया। आरोपित खंडवा नाका स्थित एक बहुमंजिली इमारत में किराये पर रहते थे। पुलिस ने छापा मारा तो लैपटाप, आई फोन, कपड़े, ब्लू टूथ, ट्राली बैग, आई पाड मिले। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे ई-कामर्स कंपनियों से आनलाइन शापिंग करते थे।शापिंग के लिए हर बार नए सिम कार्ड और नई आइडी बनाते थे। आर्डर कैश आन डिलीवरी (सीओडी) का होता था। जैसे ही डिलीवरी ब्वाय सामान लेकर फ्लैट पर आता, हर्ष व प्रशांत बातों में उलझा लेते थे। मोबाइल पर ओटीपी व नेटवर्क न आने का बहाना करते थे।
इसी बीच मानसी पार्सल खोलकर उसमें से सामान निकाल लेती और साबुन भर देती थी। थोड़ी देर बाद प्रशांत व हर्ष कैश न होने का बोलकर आर्डर निरस्त कर देते थे। कई बार तो आरोपित नए कपड़े मंगवाते और कुछ दिन पहनने के बाद रिटर्न कर देते थे।
एक कंपनी ने विक्की (डिलीवरी ब्वाय) पर शक जाहिर किया तो वह थाने आया। टीआइ शशिकांत चौरसिया ने युवक-युवती की जानकारी निकाली तो पता चला आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी महंगे फोन और महंगे कपड़ों का शौक रखते हैं। दोपहर को अचानक छापा मारा तो पर्दाफाश हो गया।

