
माना कि शराब दुकानों और बार के ठेके से आबकारी विभाग सरकार को अरबों रुपये का राजस्व कमाकर देता है। पर नियम और नैतिकता भी तो कोई चीज होती है? पर लगता है, इंदौर में आबकारी अफसरों को इससे कोई मतलब नहीं है। शासन ने नियम बनाए हैं कि पब और बार रात 12 बजे से पहले बंद हाे जाया करेंगे। साथ ही बार में अवयस्क बच्चों को प्रवेश नहीं देंगे। अब पब-बार इन नियमों को धता बताकर भले ही रात एक-दो बजे तक खुले रहें, लेकिन आबकारी अफसराें को पब और बार से इतना प्यार है कि वे इनकी तरफ से मुंह फेरे रहते हैं। इस लाड़-प्यार और दुलार की वजह आप समझ सकते हैं। इसी प्यार-दुलार को समझकर कलेक्टर इलैया राजा टी ने आबकारी अफसरों के बजाय एसडीएम की अगुआई में पब और बार पर रात में छापामार कार्रवाई शुरू कराई है।
