
इंदौर। शहर के बाणगंगा इलाके में क्रेन हादसे में मृत 16 वर्षीय रितेश पुत्र दिनेश किशोरी,6 वर्षीय शरद उर्फ अतु पुत्र दिनेश किशोरी और 13 वर्षीय राज पुत्र जंगीराम का सुबह अरविंदो अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया। दो बच्चों के शव क्षत विक्षत हो चुके थे। पीएम करने के बाद शवों को चादर में लपेटा, लेकिन पोटली बन गए। सुबह शारदा की बहन की बेटी शांति अस्पताल पहुंची और भाइयों के शव देख बेहोश हो गई।
मंगलवार को शारदा के भाई भंवरसिंह की बेटी ज्योति की शादी थी। शांति उस वक्त ज्योति के पास भी। उसने बताया कि वह मौसी(शारदा) के साथ घर जाने वाली थी, लेकिन मौसी ने कहा तुम दुल्हन के पास रहो। मौसी घर रवाना हुई उस वक्त फेरों की तैयारी चल रही थी।
अचानक हादसे की खबर आ गई। पहले तो यकीन ही नहीं हुआ, लेकिन शव और बाइक देख सदमा सा लगा।रितेश और अतु के शव पहले कावेरीनगर ले जाए गए। कुछ देर रुक कर स्वजन साड़(झाबुआ) रवाना हो गए।जबकि राज का शव बंजारी(डबल चौकी) ले जाया गया है। एक अन्य मृत सुनील परमार का शव संगमनगर ले जाया गया।
मां बेटों का हाथ पूछती रही, स्वजन शव लेकर चले गए
हादसे में घायल रितेश और शरद की मां शारदा के दोनों पैरों में चोट है। उसने बेटों को मृत अवस्था में देख लिया, लेकिन बार बार भूल जाती है। डाक्टर लगातार निगरानी रखे हुए हैं। सुबह जब डाक्टर बच्चों के शवों का परीक्षण कर रहे थे तब शारदा उनके स्वास्थ्य की चिंता कर रही थी। पीएम के बाद पति दिनेश शवों को एम्बुलेंस से ले गया, लेकिन शारदा को खबर नहीं कर पाए। अस्पताल में देखभाल कर रहे रिश्तेदार भी शारदा से छुप छुप कर रोते है।
दोपहर को शव कावेरीनगर पहुंचे तो महिलाएं फूटफूट कर रोने लगी। दिनेश मजदूरी करता है। शारदा घरों में काम कर परिवार पाल रही थी। दो बच्चों की मौत के बाद उसकी दो बेटियां रिया और प्रिया बची हैं।
