
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के पहले चरण के अंतर्गत आवंटित सीटों पर प्रवेश लेने का सोमवार को अंतिम दिन था, मगर कई विद्यार्थियों ने स्कूलों में जाकर दस्तावेज नहीं जमा किए। इसके चलते प्रवेश निरस्त हो गया है। प्रबंधन ने प्रवेश संख्या के बारे में पोर्टल पर जानकारी अपलोड कर दी, साथ ही रिक्त सीटों का ब्योरा भी बताया। अब राज्य शिक्षा केंद्र अगले चरण की प्रक्रिया शुरू करने वाला है। अधिकारियों के मुताबिक, 12 अप्रैल से दूसरे चरण को लेकर पंजीयन प्रारंभ होंगे। इनमें नए आवेदक भी हिस्सा ले सकेंगे, जबकि पंजीयन करवा चुके आवेदकों को दोबारा मनपसंद स्कूल के बारे में च्वाइस फिलिंग करनी होगी।
प्रदेशभर में आरटीई के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को प्रवेश देना है। इंदौर जिले में 1300 से 1600 स्कूलों में 12 हजार सीटें हैं। पहले चरण में साढ़े चार हजार सीटें विद्यार्थियों को आवंटित हुए हैं। इन पर छात्र-छात्राओं को 10 अप्रैल तक रिपोर्टिंग करनी थी। विद्यार्थियों को प्राप्त मैसेज के आधार पर स्कूलों में जाकर प्रवेश से संबंधित दस्तावेज बताना था, मगर पसंदीदा स्कूल नहीं मिलने से कई विद्यार्थियों ने स्कूलों में रिपोर्टिंग नहीं की। सोमवार दोपहर स्कूलों को रिक्त सीटों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर दिया।
दूसरे चरण के लिए पंजीयन 12 अप्रैल से
प्रदेशभर से जानकारी आने के बाद राज्य शिक्षा केंद्र 12 से 14 अप्रैल तक आरटीई के दूसरे चरण के लिए पंजीयन होंगे। जिला परियोजना समन्वयक अक्षय सिंह राठौर का कहना है कि आरटीई में प्रवेश से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत पुराने पंजीयन वाले आवेदकों को सिर्फ च्वाइंस फीलिंग करना होगी। जबकि नए पंजीयन भी आवेदक करवा सकेंगे।
