
लोकायुक्त के पास एएसआइ के विरुद्ध साक्ष्य मिल चुके थे। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
खजराना पुलिस थाना का एएसआइ सुनील रैकवार लोकायुक्त पुलिस को देखकर भाग गया। वह एक युवक को दुष्कर्म में फंसाने की धमकी देकर उससे 20 हजार रुपये मांग रहा था। लोकायुक्त पुलिस उसे रंगेहाथ पकड़ना चाहती थी। फरारी में पुलिस ने उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार सुदामा नगर निवासी जगदीश विश्वकर्मा ने शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका पुत्र शिवा परिचित युवती के साथ गायब हुआ था। बालिग होने के कारण दोनों ने शादी कर ली।
इस मामले की एएसआइ सुनील रैकवार जांच कर रहा था। उसने जगदीश को थाने बुलाया और कहा कि लड़की की मां समझौता नहीं करना चाहती है। उसने अभी तक आवेदन वापस नहीं लिया है। आवेदन पत्र का निकाल नहीं हुआ तो दुष्कर्म का केस दर्ज कर लूंगा। एएसआइ ने विश्वकर्मा से 20 हजार रुपये मांगे और कहा कि जांच बंद कर दूंगा।
विश्वकर्मा ने परिचित शिवराज कौशल के माध्यम से लोकायुक्त एसपी सव्यसाची सराफ से संपर्क साधा। पूरा घटनाक्रम बताया और कहा कि एएसआइ अनावश्यक रिश्वत मांग रहा है।
एसपी ने डीएसपी (लोकायुक्त) प्रवीणसिंह बघेल की टीम बनाई। इसके पूर्व विश्वकर्मा को वाइस रिकार्डर देकर एएसआइ की बातचीत रिकार्ड करवा ली।
15 मार्च को विश्वकर्मा योजना के अनुसार रुपये लेकर थाने पहुंचा, लेकिन उस समय उसकी कानून व्यवस्था में ड्यूटी लग गई। विश्वकर्मा दूसरे दिन फिर रुपये लेकर थाने पहुंच गया। लोकायुक्त की टीम भी सादे कपड़ों में थाने के आसपास तैनात हो गई।
एएसआइ को भनक लग गई और वह गायब हो गया। हालांकि लोकायुक्त के पास एएसआइ के विरुद्ध साक्ष्य मिल चुके थे। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

