
कूटरचित फर्जी फायर एनओसी तैयार करके अवैध रूप से आबकारी विभाग का वर्ष 2021–22 का लाइसेंस प्राप्त कर, धोखाधड़ी करने वाला शातिर आरोपी, क्राइम ब्रांच इंदौर की कार्यवाही में गिरफ्तार।
क्राइम ब्रांच इंदौर को बीजलपुर स्थित रिमझिम क्लब एवं रिजॉर्ट के मालिक के विरुद्ध फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर लाइसेंस प्राप्त करके अवैध रूप से संचालित होटल से संबंधित शिकायत हुई थी प्राप्त ।
आरोपी के विरुद्ध शहर के विभिन्न थानों में 06 अपराध पहले से है पंजीबद्ध।
आरोपी के विरुद्ध थाना अपराध शाखा में धोखाधडी सहित कई धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर की जा रही है अग्रिम वैधानिक कार्यवाही।
इंदौर- श्रीमान पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री हरिनारायणचारी मिश्र व्दारा इंदौर शहर में लोगों से छलकपट कर अवैध लाभ अर्जित करते हुये आर्थिक ठगी करने वाले अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में श्रीमान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री राजेश हिंगणकर के मार्गदर्शन में पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) श्री निमिष अग्रवाल एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) श्री गुरू प्रसाद पाराशर द्वारा आर्थिक ठगी एवं सोशल मीडिया संबंधी अपराधो की रोकथाम हेतु क्राइम ब्रांच फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीमों को लगाया गया है ।
इसी अनुक्रम में उपायुक्त अपराध शाखा कार्यालय में फरियादी के द्वारा शिकायत की गई थी की रिमझिम क्लब एण्ड रिजॉर्ट के मालिक कोस्तुब सिंगारे फर्जी फायर NOC पर एफएल–4(क) लाइसेंस प्राप्त कर संचालित किया जा रहा है , उक्त शिकायत प्राप्त होने पर जिसकी जांच फ्रॉड इंन्वेस्टीगेशन सेल टीम द्वारा कराई गई
शिकायत में जॉच करते हुए पाया गया कि आरोपी (1). कोस्तुब सिंगार निवासी ,इंदौर के द्वारा स्वयं के रिमझिम क्लब एण्ड रिजॉर्ट बीजलपुर इंदौर के वर्ष 2021–22 के एफएल–4 (क) लाइसेंस की पुनः स्वीकृति/नवीनीकरण हेतु कूटरचित फर्जी फायर एनओसी बनाकर, अवैध तरीके से लाइसेंस प्राप्त करके धोखाधड़ी की गई
आरोपी का अपराधिक रिकॉर्ड चेक करते उसके विरुद्ध थाना पलासिया, महिला थाना, थाना एमजी रोड, थाना राजेंद्र नगर आदि में पहले से , दो बार बलात्कार, जान से मारने की धमकी, जुआ एक्ट, धोखाधड़ी, अवैध वसूली, गली–गलोज, मारपीट, दहेज के लिए प्रताड़ित करने जैसे 06 गंभीर अपराध पहले से पंजीबद्ध मिले।
आरोपी कोस्तुब सिंगारे के विरुद्ध थाना अपराध शाखा के अपराध धारा 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

