गायत्री शक्ति पीठ केशर बाग में वसंत पंचमी व गणत्रंत दिवस के अवसर पर 9 कुण्डीय महायज्ञ व संस्कार के साथ सरस्वती पूजन, झंडा वंदन तथा राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री ओमप्रकाश जाघव व लक्ष्मी जाघव ने किया । गायत्री परिवार के सूत्र संचालक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के आध्यात्मिक जन्म दिवस के अवसर पर हजारों लोगो ने शराब, गुटका, तम्बाखु व नशा नही करने का संकल्प लिया । जिन बच्चों का यज्ञ के माध्यम से गर्भाधान, मुण्डन, अन्नप्रशान विद्यारंभ आदि संस्कार संपन्न हुये वे अब अपने माता पिता से जिदकर यज्ञ करने गायत्री शक्ति पीठ आ रहे है।
उपरोक्त जानकारी देते हुये गायत्री परिवार ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी सजल तिवारी व राधेश्याम कासट ने बताया कि आज के आयोजन छोटे बच्चों का विद्यारंभ संस्कार कराया गया तो उन्होने गायत्री मंत्र व महामृत्युजय मंत्र बोलते हुये यज्ञ में जडी-बुटी से आहुति सर्मपित की। पूरे मनोयोग से किया । वसंतपर्व शिक्षा, साक्षरता विद्या और विनय का पर्व है । एवं इस दिन विभिन्न यज्ञीय आयोजनों के साथ विद्या व साधना को बढाने, उन्हें प्रोत्साहित करनें का पर्व है। मनुष्य में जब भी ज्ञान का शिक्षा व विद्या का प्रवेश होता है तो सरस्वती का अनुग्रह अवतरित होता है, तो स्वभाव में द्रष्टिकोण में क्रिया कलाप में वसंत ही बिखरा दिखता है ।
आरंभ में सरस्वती पूजन, देवपूजन वाध्ययंत्र पूजन, मयूर पूजन, नवग्रह पूजन के साथ वेदों की माता गायत्री के मंत्रो की आहुति के साथ पूर्णाहुति में नशे की बुराईयों सहित अन्य बुराईयों का त्याग किया गया। नशा मुक्ति के गगनभेदी नारे भी लगाये गये ।
आरंभ में देव पूजन गोपाल धनोतिया श्रीमती रचना कटरे, पूनम त्रिपाठी, अशोक उपाध्याय, कैलाश वर्मा, सुलभा क्षीरसागर, सुमन गुप्ता ने किया ।
अतिथियों का स्वागत ममता ठाकुर शुचिता भार्गव, लखन सोलंकी, प्रवीण चौरसीया, डॉ. संगीता टावरी, निर्भय सिंह श्रीवास्तव, कमल पसारी ने किया। आभार सजल तिवारी ने माना ।
