इंदौर में एक अनोखा मामला सामने आया है जहां एक धोखाधड़ी के आरोपी ने अपनी बीवी से विवाद के बाद थाने में जाकर सरेंडर कर दिया। भंवरकुआं पुलिस आरोपी को पिछले एक साल से ढूंढ रही थी। आरोपी पर पुलिस ने 2 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था।
दरअसल, भंवरकुआं पुलिस ने पिछले साल शासकीय गुटकेश्वर महादेव की जमीन बेचने के मामले में भू माफिया लालू नागर,आलोक राठौर समेत एक दर्जन से अधिक लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था जिसमें कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है वही फरार चल रहे आरोपी दिनेश मेहता को भंवरकुआं पुलिस को काफी लंबे समय से तलाश थी लेकिन इसी बीच आरोपी दिनेश मेहता का विवाद उसकी पत्नी से हो गया जिसके बाद आवेश में आकर आरोपी ने एरोड्रम थाने में जाकर सरेंडर कर दिया, एरोड्रम थाना पुलिस ने इसकी जानकारी भंवरकुआं पुलिस को दी जिसके बाद मौके पर पहुंची भंवरकुआं पुलिस की टीम ने आरोपी दिनेश मेहता को लेकर थाने पहुंची जहां से आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पिपल्याराव इलाके में भूमाफिया लालू नागर,आलोक राठौर और राधेश्याम कुमावत द्वारा शासकीय मंदिर की जमीन पर कब्जा कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया गया था। जहां जिला प्रशासन की टीम ने पूर्व में कारवाई कर अवैध निर्माण को तोड़ दिया था। यहां मंदिर की जमीन पर लगभग 7 निर्माणों को बनाया गया था। जिस पर एक हॉस्टल पर कारवाई की गई थी बाकि बचे घरों को अल्टीमेटम दे दिया गया था। मुक्त कराएं गए जमीन की कीमत 5 करोड़ रुपए है। जिसे भूमाफिओं ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया था। इस प्रकरण में भंवरकुआं थाने पर पूर्व में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में प्लॉट धारक को भी आरोपी बनाया गया था और वो अभी जेल में बंद है। वही भूमाफिया लालू नागर का साथी आलोक राठौर अभी भी फरार चल रहा है जिसे पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
