
इंदौर में आज तड़के सुबह लाखों भग्तों का जमावड़ा शहर के पश्चिमी क्षेत्र में जमा हुआ ओर प्रति वर्षानूसार प्राचीन ओर पारम्परिक बाबा रणजीत हनुमान जी की प्रभात फेरी का साक्षी बना ।
जगह-जगह मंच सजे थे। कोई सूखे मेवे बांट रहा था तो कोई चाय पिला रहा था। लोग नंगे पैर यात्रा में शामिल होने के लिए भी पहुँचे वहीं इन सभी का नेतृत्व करते हुए दिखाई दिए इंदौर के प्रथम नागरिक पुष्यमित्र भार्गव ,तड़के सुबह गुनगुनी ठंड में यह नजारा था रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी का। मंदिर से स्वर्णरथ पर सवार होकर रणजीत बाबा जैसे ही मार्ग पर निकले।आतिशबाजी से आसमान रंगीन हो गया। हर तरफ जय रणजीत के जयकारे लग रहे थे। लोग मंच से पुष्पवर्षा करते रहे। आसमान में उड़ रहे ड्रोन भी पुष्वर्षा कर रहे थे। वहीं लोगों के द्वारा जय रणजीत का जयघोष गुंजायमान हो रहा था तड़के शुरू हुई प्रभातफेरी महूनाका, अन्नपूर्णा रोड, फूठीकोठी चौराहा होते हुए सात घंटे में रणजीत हनुमान मंदिर पर समाप्त हुई।सात घंटे चलने वाली पुरी यात्रा में महापौर पुष्यमित्र भार्गव मोज़ुद रहे,ओर लोगों से मिलते हुए उनके मंच पर पहुँचे।इस यात्रा में महापौर श्री भार्गव के साथ केबिनेट मंत्री श्री तुलसी सिलावट भी नज़र आए
ग़ौरतलब है कि रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी की परंपरा 137 साल पुरानी है। कोरोना की वजह से दो साल इस परंपरा को विराम लग गया था, लेकिन शुक्रवार को प्रभातफेरी ने भीड़े के पिछले रिकार्ड तोड़ दिए।इस आयोजन के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव मंदिर का दौरा करने के साथ फेरी मार्ग का भी दौरा कर रहे थे ताकी पारम्परिक यात्रा ल एतिहासिक स्वरूप में
