इंदौर इच्छापुर हाईवे स्थित सिमरोल थाना क्षेत्र अंतर्गत बाई ग्राम में गुरुवार सुबह एक बड़ा ही दर्दनाक हादसा हो गया। यहां दो बसों की आमने सामने भीषण भिड़ंत होने से एक यात्री की मौत हो गई, तो वही 43 के करीब यात्री हादसे में घायल हो गए। हादसे के बाद तुरंत ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए इंदौर एम वाय अस्पताल भेज दिया गया। वही हादसे की सूचना मिलते ही मंत्री तुलसीराम सिलावट मौके पर पहुंचे और घायलों का हाल जाना..
गौरतलब है कि इंदौर इच्छापुर हाईवे स्थित सिमरोल घाट पर पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां से गुजरने वाले बस ड्राइवर जान जोखिम में डालकर ओवरटेकिंग, ओवरलोडिंग और हाई स्पीड बस चला कर जनता की जान को खतरे में डालते हैं। इसके पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं होने के बावजूद शासन प्रशासन कुछ देर के लिए जागता है, लेकिन दोबारा हादसा होने तक थम जाता है।
घटना सुबह गुरुवार करीबन 10:00 बजे की बताई जा रही है, जहां आर्य ट्रैवल्स की बस खंडवा से इंदौर आ रही थी, तो वही यादव ट्रैवल्स की बस इंदौर से खंडवा की ओर जा रही थी, बाई ग्राम के पास मोड़ पर आर्य ट्रैवल्स की बस ने एक वाहन को ओवरटेक किया और दोनों बसों की आमने सामने तेज भिड़ंत हो गई, भिड़ंत के बाढ़ घायलों की चीखने चिल्लाने की आवाज और बच्चों की रोने की आवाज से आसपास के ग्रामीण इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, कई घंटों के लिए ट्रैफिक जाम हो गया, इधर ड्राइवर, बस के भीतर फस गए, जिन्हें क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। एंबुलेंस की मदद से घायलों को महू और इंदौर के अस्पतालों में भेजा गया।
वही इस दौरान घायल झारखंड निवासी सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि हम खंडवा से इंदौर आ रहे थे, यहां से उज्जैन जाने के लिए निकलना था, लेकिन सामने से आ रही, बस को ओवरटेक करने के कारण यह हादसा हो गया, घटना में सुनील कुमार शुक्ला के साथी योगेंद्र पासवान काफी घायल हो गए हैं, जिनका एमवाय अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इधर एमवाई अधीक्षक पी एस ठाकुर का कहना है कि यहां पर घायलों के इलाज के लिए संपूर्ण तैयारी कर ली गई है और सभी घायलों का उपचार शुरू हो चुका है, सभी घायलों को तुरंत उपचार दिया जाएगा।
हालांकि इस दौरान मंत्री तुलसीराम सिलावट मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों का हाल जानने पहुंचे, जहां मंत्री सिलावट ने सभी के उपचार के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं देने की बात कही और दोषियों को उचित दंड देने की बात कही है। फिलहाल मंत्री का कहना है कि अभी घायलों को उपचार की आवश्यकता है, जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इंदौर के समीप सिमरोल थाना क्षेत्र के भैरव घाट पर पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन शासन प्रशासन ध्यान ही नहीं दे रहा है। हादसे होने के बाद कुछ दिनों तक इस मामले को गंभीरता से लिया जाता है, लेकिन बाद में ना ही बस संचालकों पर कोई उचित कार्रवाई की जाती है, और ना ही सड़क मार्ग पर होने वाले दुर्घटना के स्पॉट को चिन्हित कर सुधार किया जाता है।

